
वासु सोनी चांपा। नगर को स्थिति की बात करें तो दोपहर 13 बजे नगर के अंदर संचालित पेट्रोल पंप ड्राई हो चुके है। तो वहीं अधिकारी बंद एसी कमरों में मीटिंग संचालित कर मोबाइल उठाना भी जरूरी नहीं समझ रहे है।
आपको बता दें कि एक ओर छत्तीसग के मुख्यमंत्री सोशल मीडिया में संदेश दे रहे है कि पेट्रोल भरपूर मात्रा में उपलब्ध है। जनता को ज्यादा पैनिक होने की जरूरत नहीं है लेकिन पेट्रोल पंप संचालक जनता के पैनिक होने की स्थिति पैदा कर रहे है। दूसरी ओर अधिकारी अब फोन उठाना भी उचित नहीं समझ रहे है। सोमवार समय सीमा की बैठक कलेक्टर कार्यालय के एसी कमरे में हो रही हैं और तो और अधिकारियों की गाड़ियों में भी भरपूर मात्रा में पेट्रोल/डीजल भरा हुआ है। जिससे अधिकारियों को ज्यादा पैनिक होने की जरूरत भी नहीं है। साथ ही उनकी गाड़ी के लिए पेट्रोल हर पंप में अलग से रखा जाता है। शायद अधिकारियों की गाड़ी में पेट्रोल की जरूरत ज्यादा रहती है। जनता को पेट्रोल की जरूरत ही नहीं होती।
बहरहाल जनता और पत्रकारों को ही पेट्रोल नहीं मिल पा रहा है। अब क्या देश के प्रधानमंत्री पेट्रोल पंप से आम जनता और पत्रकारों को पेट्रोल दिलवाने खुद ही आयेंगे? ये सोच का विषय है?

