वासु सोनी चांपा। रेलवे का एकमात्र प्रचार सहायक जो पत्रकारों की उपेक्षा करते नजर आते है? शायद रेल विभाग ने उन्हें अन्य बाहरी पत्रकारों की उपेक्षा करने के लिए ही नौकरी दी है? कई सालों से अंबिकेश साहू सिर्फ रेलवे की अच्छाइयों की खबरें अन्य समाचार पत्र सहित टीवी न्यूज चैनलों में भेजते है तो वहीं दूसरी ओर किसी नकारात्मक खबरोंके बारे में जानकारी के लिए अधिकारियों से बात करवाने कहने पर खुद ही अधिकारी बन जाते है? पूर्व में भी प्रधानमंत्री शिकायत पोर्टल में कई बार अंबिकेश साहू प्रचार सहायक की शिकायत हो चुकी है बावजूद कार्रवाई ना हो पाना, अधिकारियों की कार्यशैली पर प्रश्नचिन्ह खड़ा कर रहा है? सूत्रों के अनुसार किसी बड़े केंद्रीय मंत्री ऑ उच्च अधिकारियों से सांठ गांठ के कारण अंबिकेश साहू प्रचार सहायक पर कार्रवाई नहीं हो पा रही है?
प्रचार सहायक अंबिकेश साहू खुद को रेलवे जोन के उच्च अधिकारियों से ऊपर समझ पत्रकारों को अधिकारियों से मिलने रोकते रहते है? इससे ऐसा प्रतीत होता है कि वे खुद ही महाप्रबंधक या रेलमंत्री जैसे पदों पर शोभायमान हो? अब अन्य अधिकारियों को कुछ कह पाने में असमर्थ प्रचार सहायक अंबिकेश साहू अन्य बाहरी पत्रकारों पर अपना रौब दिखाने भरपूर कोशिश में लगे हुए है?
बहरहाल रेलवे की दुर्दशा को उजागर करने वाले पत्रकारों को रोकने के लिए प्रचार सहायक अंबिकेश साहू पूरी ताकत झोंक देते है? वही अधिकारियों से मिलवाने वाले प्रचार सहायक अंबिकेश साहू दूरियाँ बनाने की भरपूर कोशिश में लगे हुए है?
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