
वासु सोनी चांपा। कमीशन का चक्कर इतना खतरनाक है कि चांपा का गौरव पथ मार्ग अब जान लेने पर उतारू हो चुका है। डिवाइडर बनता कैसे है और पढ़े लिखे इंजीनियर डिवाइडर बनते समय क्या लिखकर देते हैं? जब सवाल चांपा नगर के गौरव पथ मार्ग पर लगातार हो रहे एक्सीडेंट का हो? यह बातें शायद समझ में ना आए लेकिन जिनको समझना है वे समझ चुके होंगे?
आपको बता दें कि 15 दिन के अंदर परशुराम चैक से लेकर नया काॅलेज रोड के बीच हुए कई एक्सीडेंट हुए है। जिसमें 3 लोगों की मौत हो चुकी है तो वहीं कई लोग घायल हो चुके है। जिसकी जवाबदारी लेने कानून के पास कोई नुमाइंदे ही नहीं है। वहीं एक्सीडेंट की जवाबदारी किसकी है यह समझ के बाहर है। सवाल कई उठ रहे हैं जिसका जवाब देने नगर तो दूर, जिले में भी कोई अधिकारी नहीं है?
डिवाइडर किसने बनाया और उसका मापदंड क्या था?
नगर में परशुराम चैक से लेकर नया कालेज रोड तक बने डिवाइडर को किसने और कैसे बनाया? क्या डिवाइडर बनाने का मापदंड यही था जो बना हुआ है। क्या इस डिवाइडर को बनाने वाले को पता था कि भविष्य में एक्सीडेंट होंगे या ज्यादा कमीशन और अधिक रूपये कमाने की लालच में इस प्रकार का डिवाइडर बनाया गया है। अब तो जिले के कलेक्टर ही बता सकते हैं कि इस डिवाइडर को किसने, कैसे, कब, कहां और क्यों बनाया? क्योंकि जिले के कलेक्टर के बगैर अन्य किसी ने पूछने की जरूरत की तो उसे कई बहाने बनाकर कोई भी दस्तावेज नहीं दिया जाएगा? आखिर डिवाइडर को ऐसा बनाने के पीछे मंशा क्या रही होगी, कहीं दुर्घटना को बढ़ावा देने के लिए इस डिवाइडर का निर्माण तो नहीं कराया गया? ऐसे अनेक सवाल है जिसका जवाब ढुंढने पर शायद मिल पाए।
डिवाइडर बीच से टूटा या तोड़ा गया?
परशुराम चैक में डिवाइडर कई स्थानों से टूटा हुआ है, जिससे वाहन चालक एक ओर से दूसरी ओर स्पीड से निकलते है, इस जगह को ठेकेदार ने किसी के कहने या ज्यादा कमीशन की लालच पर छोड़ा है या जानबुझकर दुर्घटना को आमंत्रण देने छोड़ा गया है। इसकी जानकारी भी नगर तो दूर जिले के कलेक्टर के पास भी नहीं होगा? कहीं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों द्वारा अपने व्यवसाय को बढ़ाने डिवाइडर को तोड़ा तो नहीं गया है। आखिर ये डिवाइडर क्यों तोड़ा गया और किसके कहने पर तोड़ा गया या ऐसे ही बनाया गया है। इसकी जांच आखिर करेगा कौन, ये भी सोच का विषय है? क्या जिले में ऐसा कोई भी अधिकारी नहीं जो इस डिवाइडर रूपी यमराज की जांच कर उन व्यक्तियों पर कार्रवाई कर सके, जिन्होंने इस मौत के डिवाइडर का निर्माण किया।
फिलहाल मौत के गौरव पथ मार्ग पर और कितनी मौत होगी ये सोच का विषय है। अब देखना यह है कि इस मामले में जांच होगी, कार्रवाई होगी या इस मामले को ऐसे ही छोड़ किसी और के मौत का इंतजार किया जायेगा। नगर की जनता धीरे धीरे नगर पालिका में शिकायत देने जा रही है लेकिन जांच या कार्रवाई हो पाना संभव नजर नहीं आ पा रहा?

