वासु सोनी चांपा। नगर पालिका परिषद चांपा अंतर्गत हनुमान धारा पर्यटन स्थल में अब सौंदर्यीकरण करने की योजना है। जिसमें अधिकारियों और ठेकेदार से सांठगांठ कर गुणवत्ताहीन कार्य कराए जाने की संभावना जाहिर की जा रही है l वही सूचना के अधिकार के तहत अधिकारी और कर्मचारियों द्वारा दस्तावेज उपलब्ध ना कराया जाना भी सन्देह को जन्म दे रहा है। वहीं बिहान खबर की टीम इस मामले में लगातार नजर बनाए हुए है।
वही दूसरी ओर चांपा राजस्व विभाग की लापरवाही के चलते शासन की भूमि पर अवैध कब्जे की बाढ़ सी आ गई है, जिस पर नगर की जनता और लोगों के द्वारा आवेदन देकर बेजाकब्जा होने वाली शासकीय भूमि पर कार्रवाई की बात लिखी गई है। साथ ही हनुमान धारा पर्यटन स्थल के आसपास शासकीय भूमि के दस्तावेज भी मांगे गए है लेकिन राजस्व अधिकारियों जिसमें मुख्य रूप से अनुविभागीय अधिकारी राजस्व के कार्यालय के आवेदन दिए जाने के बाद भी लगभग 5 माह बीत जाने के बाद भी कोई जानकारी देना मुनासिब नहीं समझ रहे है और ना ही कोई कार्रवाई की जा रही है।
चांपा राजस्व विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों की माने तो उनके पास समय की कमी है कि वे किसी भी आवेदन का जवाब दे सकें। बल्कि आवेदनकर्ता को बार बार कार्यालय आकर जानकारी लेनी पड़ेगी। उस पर भी अधिकारियों की मर्जी बताई जा रही है कि वे आवेदन किस प्रकार का है और विभागीय नियम के अनुसार उसका जवाब दे या ना दे या पर निर्भर करता है। जिससे यह प्रतीत होता है कि चांपा राजस्व विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों के पास राजस्व की शासकीय भूमि को बचाने का कोई उपाय नहीं है।

