
वासु सोनी चांपा। नगर के हनुमान धारा सौंदर्यीकरण के लिए लगभग 3 करोड़ की राशि निर्धारित की गई है साथ ही उस भ्रष्टाचार का भूमिपूजन भी हो गया है लेकिन अभी तक प्रार्थी को सूचना के अधिकार के तहत दस्तावेज उपलब्ध नहीं किया जा रहा है। जनता का मानना है कि वर्तमान कलेक्टर और वर्तमान सीएमओ शायद ठेकेदार से अत्यधिक सांठ गांठ कर मामले का दस्तावेज देना नहीं चाह रहे है। आखिरकार 3 करोड़ का लगभग संभावित 50 प्रतिशत के हिसाब से कमीशन की उम्मीद जताई जा रही है। इसी मामले में किसी प्रकार से हस्तक्षेप ना हो सोचकर कलेक्टर और सीएमओ हनुमान धारा सौंदर्यीकरण का दस्तावेज प्रार्थी को देना नहीं चाह रहे है।
क्या रोज इंजीनियर पहुंच रहे जांच करने?
कमीशन का लालच ऐसा है कि नगर के विकास कार्य में ठेकेदार का भ्रष्टाचार खुल कर चल रहा है लेकिन उसकी जांच करने नपा के इंजीनियर रुचि नहीं दिखा रहे है जबकि किसी भी विकास कार्य में सुबह से शाम तक विकास स्थल पर रहकर समानों और मिश्रण सामग्री की जांच की जाती है। लेकिन कमीशन के सांठ गांठ के चलते सभी अधिकारी कर्मचारी बंद एसी कमरे में सारे दस्तावेज ठेकेदार के सामने पूर्ण कर डालते है। आए दिन ठेकेदार और अधिकारी, कर्मचारी एक दूसरे के साथ बंद कमरे में देखे जा सकते है।
बहरहाल हनुमान धारा सौंदर्यीकरण के मामले में दस्तावेज की अहम भूमिका है जिसमें नगर पालिका के अधिकारी कर्मचारी और जिले के अधिकारियों के राज खुल सकते है। इसलिए प्रार्थी को दस्तावेज देने कोई पहल नहीं की जा रही है। देखना यह है कि प्रार्थी को दस्तावेज मिलेगा या अधिकारियों का कमीशन बढ़ेगा?

