वासु सोनी चांपा। नगर में विकास कार्य कहते हुए विनाश कार्य प्रारम्भ हो चुका है, जिसका ताजा उदाहरण हनुमान धारा में चल रहे भ्रष्टाचार को देखकर लगाया जा सकता है। वहीं नगर के अन्य विकास कार्य में भी खुलकर भ्रष्टाचार किया जा रहा है। आखिर चांपा नगर पालिका सीएमओ की कमान सम्हाल रहे रामसंजीवन सोनवानी का मानना है कि नगर पालिका का सारा कार्य मेरे कहे अनुसार ही होगा, जनता का क्या है? वहीं सोच ऐसी की कमीशन सभी ओर से आना चाहिए। बंद एसी कमरे में नगर की कमान संभालना कोई नपा चांपा के अधिकारी और कर्मचारियों से सीखे।
एक ओर हनुमान धारा पर्यटन स्थल में विकास कार्य का दस्तावेज नहीं देने नपा चांपा सीएमओ और उनके कर्मचारियों द्वारा भ्रष्टाचार का पुलिंदा तैयार किया जा रहा है तो वहीं दूसरी ओर पीड़ित ठेकेदार को अपनी जेब से नहीं बल्कि शासन के खाते से रुपए देने की तैयारी की जा रही है। उस पर भी कोर्ट के आदेश की अवहेलना करते हुए आज तक पीड़ित ठेकेदार को मुआवजे का भुगतान नहीं किया गया है। तीसरी बात यह है कि जिला कलेक्टर को जानकारी होते हुए भी नपा चांपा के सीएमओ का संरक्षण किया जा रहा है। जिससे नगर विकास में भ्रष्टाचार की इबारत लिखने की तैयारी पूरी हो चुकी है।
जल्दी वर्क ऑर्डर दो, लगातार समाचार छप रहा है?
नगर पालिका परिषद चांपा की बात करे तो भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने बंद कमरे में मीटिंग का दौर लगातार जारी है। वहीं निविदा के सारे कार्य आदेश जल्दबाजी में निकाले जा रहे है। जिससे जितनी जल्दी हो भ्रष्टाचार किया जा सके। वहीं दूसरी ओर किसी भी आवेदन पर दस्तावेज देने शायद जिला कलेक्टर ने आदेश दे रखा हो। नपा चांपा सीएमओ सहित कर्मचारियों द्वारा किसी भी आवेदन का दस्तावेज नहीं दिया जा रहा है?
बहरहाल विकास कार्य का भ्रष्टाचार देखना हो तो चांपा नगर पालिका के द्वारा कराए जा रहे सभी कार्यों को देखने आम जनता जरूर जा सकते है। खास तौर पर सबसे बड़ी कमीशन की डील हनुमान धारा पर्यटन स्थल में देखी जा सकती है। वहीं जिले के अधिकारी गूंगे बहरों की भूमिका निभाते आसानी से देखे जा सकते हैं।

