
वासु सोनी चांपा। नगर में रेलवे की स्थिति का जायजा लेने डीआरएम राकेश रंजन बीते शनिवार 16 मई को चांपा स्टेशन पहुंचे। शनिवार की सुबह 10 बजे डीआरएम रेलवे जोन बिलासपुर चांपा स्टेशन पहुंचे और तुरंत ही निरीक्षण करना शुरू कर दिए। प्लेटफॉर्म नंबर 01 में साफ सफाई, लिफ्ट की क्वालिटी सहित अनेक निर्माण कार्यों की स्थिति देखकर ठेकेदार और अधिकारियों को खरी खोटी सुनाई। प्लेटफॉर्म और टिकट बुकिंग केंद्र के पास कोटा स्टोन को तोड़कर उसकी जगह सीमेंट डालकर भर दिया गया था जिसकी भी जानकारी लेकर अधिकारी को खरी खोटी सुनाई।
जीआरपी थाने के ऊपर कबाड़ गाड़ी को देखकर पूछा क्या ये डिजाइन है?
वहीं जीआरपी थाने के ऊपर रखे एक कबाड़ बाइक को देखकर डीआरएम अपने आप को नहीं रोक पाए, उन्होंने आरपीएफ कर्मचारियों से पूछा ये क्या नया डिजाइन है, कहकर अधिकारियों को सुनाने एवं नहीं चुके।
इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारियों को लगाई फटकार…
डीआरएम ने आगे चलकर रेलवे पथ का भी निरीक्षण किया, जहां सिग्नल और प्वाइंट वाले स्थान को देखकर इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारियों को सही काम सीखने की सलाह देते हुए खरी खोटी सुनाते हुए फटकार लगाई।
नाली की ओर इशारा कर ठेकेदार और अधिकारियों से पूछा, क्या ये साफ है?
डीआरएम राकेश रंजन ने चांपा स्टेशन की अव्यवस्था को देखकर अधिकारियों को फटकार लगाई, वही कॉलोनी की ओर जाकर ठेकेदार और अधिकारियों से कॉलोनी की सीमेंट से बनी डस्टबिन की गंदगी और नाली की गंदगी को देखकर पूछ लिया कि ये साफ है या नहीं? जिस पर चांपा स्टेशन के अधिकारी और ठेकेदार कुछ भी नहीं कह पाए, क्योंकि कॉलोनी गंदगी से पड़ी थी। वहीं डीआरएम ने बिना देखे कॉलोनी में रहने वाले घरों की स्थिति को देखकर कहा कि घरों में अंदर जाकर देखो, मै बताता हूं मकान के अंदर भी हालात खराब होगी?
बहरहाल चांपा स्टेशन में ऐसी अव्यवस्था को देखकर डीआरएम ने फटकारों की झड़ी लगा दी। जिसे देखकर चांपा स्टेशन सहित जांच में आए अधिकारियों के कान खड़े हो गए। सभी सिर्फ डीआरएम के निरीक्षण को देखकर खामोश खड़े रहे। आखिर इतने उच्च स्तर के वेतन लेने वाले अधिकारी काम क्यों नहीं करा पा रहे है इसे देखकर डीआरएम के पैरों तले जमीन खिसक गई। वही कुछ दिनों बाद रेलवे महाप्रबंधक का दौरा कार्यक्रम निर्धारित है। जिसके चलते इतनी उच्च स्तरीय जांच की जा रही है। अब देखना यह है कि चांपा स्टेशन सहित कार्य कराने वाले अधिकारियों पर कोई कार्रवाई हो पाती है या यह मामला भी रफ़ा दफा कर दिया जाएगा?

