
वासु सोनी चांपा। विश्वविख्यात महाप्रभु श्री जगन्नाथ जी रथयात्रा की महिमा किसी से छुपी नहीं है। प्रत्येक वर्ष बीमार पड़ने के कारण महाप्रभु श्री जगन्नाथ जी अपनी मौसी जी के यहां आराम करने पहुंचते हैं। जिसे लेकर श्रीजगन्नाथ पुरी धाम में विश्वविख्यात रथयात्रा महोत्सव का आयोजन कर महाप्रभु श्री जगन्नाथ जी को रथ खींचकर भक्त उनकी मौसी के यहां पहुंचाते हैं। जहां 11 दिनों तक महाप्रभु आराम करने के पश्चात वापस अपने धाम लौटते है। इस विश्वख्यिात महोत्सव को देश और विदेशों में भी धुमधाम से मनाया जाता है।
वहीं छत्तीसगढ़ के जांजगीर चांपा जिले के अंतर्गत चांपा नगर में भी इस उत्सव की धुम देखने को मिलती है। सुबह से नगर महाप्रभु श्री जगन्नाथ जी के उद्घोष से गंुजायमान रहता है। नगर के प्रत्येक गली मोहल्ले में छोटे छोटे बच्चे महाप्रभु श्री जगन्नाथ जी की रथ यात्रा निकालते हैं। जिससे पूरा नगर महाप्रभु की भक्ति में लीन हो जाता है।
रायगढ़िया होटल के मालपुआ का विशेष महत्व
महाप्रभु श्री जगन्नाथ जी की रथयात्रा महोत्सव के दौरान मालपुआ का विशेष महत्व रहता है। इस दिन महाप्रभु श्री जगन्नाथ जी को मालपुआ का भोग लगाया जाता है। जिसे देखकर नगर में कई लोगों के द्वारा मालपुआ प्रसाद भोग के लिए बनाया जाता है। वहीं नगर में रायगढ़िया होटल के मालपुआ प्रसाद को लेने लोगों का हुजुम उमड़ पड़ता है। रायगढ़िया होटल के संचालक आयुष शर्मा ने बताया कि विगत कई वर्षों से यह परंपरा नगर में लगातार चलती आ रही है। वहीं उनके द्वारा बनाया जाने वाला मालपुआ पुरे नगर सहित आसपास के क्षेत्रों में काफी प्रसिद्ध है, जिसके चलते महाप्रभु श्री जगन्नाथ जी की रथयात्रा के दिन सुबह से ही उनके संस्थान रायगढ़िया होटल में लोगों की भीड़ लगनी शुरू हो जाती है। उनके संस्थान रायगढ़िया होटल में मालपुआ लेने आए ग्राहक ने बताया कि उनके संस्थान में बनाया गया मालपुआ का स्वाद पूरे नगर सहित आसपास के क्षेत्रों में नहीं मिलता। जिसके चलते वे प्रत्येक वर्ष रायगढ़िया होटल में ही मालपुआ लेने पहुुंचते है। उन्होंने यह भी बताया कि सुबह से ही भीड़ होने की वजह से लाईन में लगकर मालपुआ लेना पड़ता है।


