
वासु सोनी चांपा। नगर में बीते कुछ सालों में शासकीय भूमि पर कब्जा ऐसा हो रखा है जिस पर कार्रवाई करने नगर के राजस्व अधिकारियों के हाथ खड़े हो रखे है? जिससे अब यह प्रतीत हो रहा है कि चांपा नगर में कोई भी शासकीय भूमि पर आसानी से कब्जा कर सकता है क्योंकि नगर का कोई भी राजस्व अधिकारी यह नहीं चाह रहा कि शासकीय भूमि को कब्जेधारी से आजाद किया जाये, शायद रिश्वत/कमीशन की आड़ लेकर कोई भी अधिकारी कर्मचारी शासकीय भूमि को बचाने कवायद नहीं कर रहे है?
आपको बता दें कि चांपा नगर में इन दिनों शासकीय भूमि कब्जा करने होड़ मची हुई है? कोई भी व्यक्ति बड़ी आसानी से नगर के शासकीय भूमि को कब्जा कर बेच चुके है और बेच रहे है तो वहीं राजस्व अधिकारी कर्मचारी चुपचाप नजारा देखते बैठे हुए है? अधिकारी और कर्मचारियों की माने तो उन्हें जब तक शिकायत आवेदन नहीं मिलेगा तब तक वे किसी भी प्रकार से कार्रवाई नहीं करेंगे।
नगर के हनुमान धारा की बात करें तो करीबन 5 से 6 करोड़ की शासकीय भूमि पर कब्जा किया जा चुका है, तो वहीं आसपास मुक्तिधाम के पास स्थित शासकीय भूमि को लगातार बेचा जा रहा है, जिसकी जानकारी होने के बाद भी नगर के राजस्व अधिकारी कर्मचारी अपने बंद एसी कमरे में ठण्डक का मजा ले रहे है।
वहीं भोजपुर, तहसील क्षेत्र, कुरदा, महुदा, हनुमानधारा सहित कई क्षेत्रों की शासकीय भूमि कब्जा कर बेचा जा रहा है। जानकारी के बाद भी कार्रवाई नहीं होना बड़ी साजिश की ओर इशारा है बावजूद जिले के तमाम राजस्व अधिकारी कर्मचारी सिर्फ दिखावे की कार्रवाई करते फिर रहे है?
बहरहाल चांपा नगर की तमाम शासकीय भूमि को भूमाफिया बड़े आसान तरीके से कब्जा करते जा रहे है वही अधिकारी सिर्फ मजा ले रहे है, अब देखना यह है कि कार्रवाई हो पाती है या दिखावे के लिए किसी गरीब को झोपड़ी तोड़ी जाएगी?

