पढ़ें पूरी खबर : क्या करोड़ खर्च कर किया जा रहा अमृत भारत योजना कार्यक्रम का आयोजन? रेल विभाग के अधिकारी कर्मचारी कर रहे दिखावे की तैयारी, स्टेशन के अंदर की स्थिति कुछ और बयां कर रही…

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वासु सोनी चांपा। बिलासपुर जोन अंतर्गत रेलवे अधिकारियों की मनमानी देखना हो तो चांपा रेलवे स्टेशन का जायजा लेने अवश्य पहुंचे। एक ओर रेलवे के अधिकारी कर्मचारी रेलवे की अच्छाई को बताने लाखों करोड़ों खर्च कर रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर रेलवे की बुराईयों को छुपाने उससे भी अधिक खर्च करते नजर आ रहे हैं?

अमृत भारत योजना अंतर्गत बिलासपुर जोन के कई स्टेशनों को पुनर्विकसित किया गया है। इसी क्रम में चांपा रेलवे स्टेशन को पूरी तरह से पूर्ण दिखाकर वर्चुअल उद्घाटन की तैयारी कर ली गई है। शुक्रवार 16 जुलाई 2026 को दोपहर 2 बजे देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अमृत भारत योजना अंतर्गत पूर्ण पुनर्विकसित हो चुके स्टेशनों का वर्चुअल उद्घाटन करेंगे। सूत्रों के अनुसार चांपा रेलवे स्टेशन के वर्चुअल उद्घाटन कार्यक्रम के लिए लगभग 1 करोड़ के आसपास खर्च होने की बात सुनाई दे रही है। अब देखना यह है कि इस राज को छुपाने बिलासपुर रेल मंडल कितनी तैयारी करता है।

आपको बता दें कि अमृत भारत योजना अंतर्गत कई स्टेशनों को पुनर्विकसित कर विश्वस्तरीय बनाने का दावा रेल विभाग द्वारा किया गया है। जिसका जायजा लेने जब बिहान खबर की टीम चांपा रेलवे स्टेशन पहुंची तो वहां कुछ और ही नजर आया। देश के प्रधानमंत्री द्वारा वर्चुअल उद्घाटन के लिए रेल विभाग के अधिकारी कर्मचारी सक्रिय होकर सिर्फ दिखाने के लिए ही सारी व्यवस्था कर रहे है। रेल विभाग के अधिकारी कर्मचारी बातें कुछ और करते हैं और काम कुछ और होता है। जिसकी जानकारी जब ली गई तो पता चला कि विभाग की रेल विभाग के उच्च अधिकारी निरीक्षण में तो पहुंचते हैं लेकिन निरीक्षण के बाद सब हवा हवाई बात हो जाती है।

बिहान खबर टीम द्वारा चांपा नगर में की गई विश्वस्तरीय व्यवस्था, वर्चुअल उद्घाटन और कार्यक्रम की तैयारी को लेकर आंखों देखी कहानी आपके सामने…

बिना डिस्प्ले का एसी प्रैपिड वेटिंग हाल

रेल विभाग के अधिकारी कर्मचारी द्वारा प्रीपेड एसी वेटिंग हाल निविदा के तहत दे दिया गया है लेकिन वेटिंग हाल के अंदर रेल विभाग के अधिकारी कर्मचारी ट्रेन के डिस्प्ले बोर्ड लगाना भूल गए है या जानबूझकर नहीं लगाया गया है। जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शायद विश्वस्तरीय वेटिंग हाल बिना डिस्प्ले बोर्ड के रहता है।

टाइल्स में जगह जगह हुए गड्ढों में सीमेंट का लेप 

रेल विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों द्वारा प्लेटफॉर्म नंबर 1 और प्लेटफॉर्म नंबर 2 में टाइल्स और पत्थर से कायाकल्प किया गया है लेकिन जगह जगह हुए गड्ढों सीमेंट से भरा गया है। शायद विश्वस्तरीय प्लेटफॉर्म में इसी तरह टाइल्स वाले प्लेटफॉर्म में सीमेंट से गड्ढों को भरकर छिपाया जाता है।

अर्थिंग के लिए प्लेटफॉर्म में दी गई विशेष जगह

रेल विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों द्वारा बिजली व्यवस्था बनाने अर्थिंग के लिए प्लेटफॉर्म में अलग से जगह बना दिया गया है जो अर्थिंग जमीन के अंदर होना चाहिए वह जमीन से लगभग 1 फीट ऊपर तक विशेष स्थान दिया गया है। शायद विश्वस्तरीय स्टेशन में इसी प्रकार अर्थिंग के लिए प्लेटफॉर्म के बीच स्थान दिया जाता है।

स्टेशन के बाहर लगी विश्वस्तरीय लाइट रहती है बंद

चांपा स्टेशन के बाहर लगाई गई विश्वस्तरीय लाइट पूरी तरह नहीं जल पाती। शायद रेल विभाग के अधिकारी कर्मचारी रेल विभाग का बिजली बचाने चाहते होंगे या फिर लाइटें खराब होंगी। शायद इसी प्रकार विश्वस्तरीय लाइटें भी लगाई जाती होंगी जो जल्द ही खराब हो जाती है।

बहरहाल शुक्रवार को होने जा रहे अमृत भारत योजना के तहत चांपा स्टेशन के पुनर्विकसित विकास सिर्फ दिखावे की राह पर है। वही सिर्फ कुछ घंटों के कार्यक्रम के लिए लगभग करोड़ों रुपए खर्च करने की बात भी सामने आ रही है। अब देखना यह है कि करोड़ो रुपए की लागत के कार्यक्रम का आयोजन कैसा रहेगा?

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