
वासु सोनी चांपा। रेलवे स्टेशन चांपा की बात करें तो वहां पदस्थ कर्मचारियों के लिए मलाई खाने वाला स्थान बन गया है। काम कुछ रहता नहीं और काम रहे तो करने कोई नहीं चाहते? इसलिए ऐश और आराम की नौकरी करनी हो तो चांपा रेलवे स्टेशन जीआरपी चौकी में पदस्थापना जरूर लें?
आपको बता दें कि चांपा जीआरपी चौकी में कुछ काम नहीं है, इसलिए वहां पदस्थ अधिकारी और कर्मचारियों की मौज ही मौज है? कभी कभार कोई घटना दुर्घटना हो गई तो घटना को आरपीएफ वालो के खाते में डालकर और हमारा क्षेत्र नहीं है बोलकर बहुत ही आसानी से आरामदायक जीवन जिया जा रहा है? अगर कभी कोई घटना इनके पाले में आ जाए तो जीआरपी चौकी के मातहत अधिकारी और कर्मचारियों के पसीने छूटने लग जाते है और सोचते है को किसके ऊपर इस घटना को जिम्मेदारी डाली जाए?
जीआरपी चौकी के बगल बाइक चोरी आजतक नहीं पकड़ पाए?
आपको बता दें कि चांपा रेलवे स्टेशन के जीआरपी चौकी के बगल बने पार्किंग से 2 बाइक चोरी हो गई है। जिसका पता चांपा रेलवे जीआरपी चौकी आज तक नहीं लगा पाई है। वहीं बहाने के नाम पर बार बार सीसीटीवी नहीं लगाने के कारण रेलवे के अधिकारियों को कोसते रहते है, लेकिन जिम्मेदारी से अपनी ड्यूटी नहीं कर पा रहे। कई बार तो बाहरी लोगों से यह भी कहते सुना जाता है कि चोरो से सांठ गांठ कर जीआरपी चौकी के अधिकारी कर्मचारी बाइक को निपटा दिए होंगे इसलिए 2 बाइक चोरों का आज तक पता नहीं लगा पाए?
क्या गांजा भी लगा दिए ठिकाने?
दो दिन पहले चांपा स्टेशन में गांजा मिलने की सूचना मिली थी, जिसके बारे में जीआरपी चौकी चांपा से जानकारी लेनी चाही लेकिन अधिकारी और कर्मचारियों ने जानकारी देने मना कर दिया, वही यह प्रतीत हो रहा कहीं गांजा भी ठिकाने तो नहीं लगा दिया गया होगा?
बहरहाल रेलवे स्टेशन चांपा जीआरपी चौकी के अधीन अगर कोई घटना आ जाए तो उससे कैसे पीछा छुडाना है ये जीआरपी चौकी के अधिकारी और कर्मचारियों से सिखा जा सकता है।


