
वासु सोनी चांपा। बिरगहनी गांव में अवैध राखड पाटे जाने की शिकायत पर पर्यावरण विभाग की क्षेत्रीय पर्यावरण अधिकारी और उनकी टीम जांच के लिए पहुंची। जांच कर उन्होंने प्रकाश इंडस्ट्रीज लिमिटेड चांपा पर लगभग अवैध राखड गिराने 40 हजार रुपए प्रतिदिन पेनाल्टी लगा दिया। लेकिन अभी तक 1 माह से भी अधिक समय बीत जाने के बाद भी किसी प्रकार की पेनाल्टी की राशि पर्यावरण विभाग में जमा नहीं की गई है। वही भूमि खसरा क्रमांक 171 रकबा 3 एकड़ जो केशव राठौर एवं अन्य के नाम पर है जिसमें जय कुमार सोनी के नाम से कोयला भंडारण के लिए पंचायत द्वारा अनापत्ति लिया गया था। उक्त भूमि से बॉटम ऐश हटाने आनंद सलूजा के द्वारा 15 अगस्त तक हटाने समय भी मांगा गया था, जिसे आज तक नहीं हटाया गया है।
क्या है मामला
बिरगहनी गांव में अवैध राखड और बॉटम राखड़ पाटे जाने का खेल कई वर्षों से चल रहा है, वही राखड माफिया के द्वारा पूरे बिरगहनी गांव को राखड से पाट दिया गया है। क्षेत्रीय पर्यावरण विभाग द्वारा खनिज उत्खनन से हुए गड्ढे को पाटने के लिए बॉटम ऐश की अनुमति खसरा क्रमांक को दी गई थी, लेकिन खसरा क्रमांक के मालिक और अन्य के द्वारा प्रकाश इंडस्ट्रीज लिमिटेड चांपा से सांठ गांठ कर आवश्यकता से अधिक बॉटम ऐश और फ्लाई ऐश का भंडारण कर बेचने के उद्देश्य से रखा गया है। जिसकी शिकायत गांव के युवक ने सुशासन तिहार में की थी। जिसकी जांच के लिए क्षेत्रीय पर्यावरण अधिकारी रश्मि श्रीवास्तव और उनके कर्मचारी पहुंच थे। उन्होंने तीन अलग अलग खसरा क्रमांक का जायजा लिया और स्पष्ट रूप से बताया कि आवश्यकता से अधिक राखड भंडारण कर रखा गया है। जिस पर क्षेत्रीय पर्यावरण अधिकारी रश्मि श्रीवास्तव के द्वारा प्रकाश इंडस्ट्रीज लिमिटेड चांपा को अर्थदंड के रूप में प्रतिदिन 40 हजार का जुर्माना अधिरोपित किया गया। साथ ही मौके पर उपस्थित एक प्रतिनिधि आनंद सलूजा ने अपने खसरा क्रमांक में आवश्यकता से अधिक भंडारित किए गया बॉटम ऐश और फ्लाई ऐश को 15 अगस्त तक हटा लेने पंचनामा कार्रवाई में लिख कर दिया गया। जो आज पर्यंत समयावधि से एक सप्ताह अधिक होने पर भी नहीं हटाया गया है।

फर्जी हस्ताक्षर कर सुशासन तिहार में की गई शिकायत का किया खात्मा?
आपको बता दें कि बिरगहनी गांव के युवक के द्वारा अवैध राखड के लिए कि गई शिकायत को फर्जी हस्ताक्षर कर शिकायत का खात्मा कर दिया गया। इसकी जानकारी जब आवेदक को हुई तो आवेदक ने इसकी जानकारी क्षेत्रीय पर्यावरण अधिकारी ली तब क्षेत्रीय पर्यावरण अधिकारी रश्मि श्रीवास्तव और उनकी टीम ने बताया कि उन्हें दस्तावेज प्राप्त हुआ था, जिसके आधार पर शिकायत का खात्मा किया गया। लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया कि दस्तावेज किसने भेजा साथ ही फर्जी हस्ताक्षर की जांच किए बिना और आवेदक से बात किए बिना ही सुशासन तिहार के शिकायत का खात्मा कर दिया।
किसके नाम पर भूमि और कौन कर रहा अवैध बॉटम ऐश का कारोबार…
खसरा क्रमांक 171 केशव राठौर की भूमि जिस पर अवैध बॉटम ऐश का कारोबार किया जा रहा, जिसके लिए जय कुमार सोनी के नाम से पंचायत से अनापत्ति लिया गया है। खसरा क्रमांक 228, 229 गजानंद अग्रवाल एवं अन्य की भूमि जिस पर आवश्यकता से कोयला सहित बॉटम ऐश भंडारण कर रखा गया है।
बहरहाल पर्यावरण विभाग की लापरवाही और काम के प्रति अरुचि यह प्रदर्शित कर रही है कि वे सभी मिलकर संबंधित राखड माफिया को लाभ पहुंचाना चाह रहे हैं? फिलहाल समय अवधि निकल जाने के बाद भी और फर्जी हस्ताक्षर की जानकारी होने के बाद भी कार्रवाई ना कर पाना पर्यावरण, वन एवं जलवायु विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों को निष्क्रियता को दर्शा रहा है। अब देखना यह है कि कार्रवाई हो पाती है या राखड माफिया को लाभ और अधिक मिलेगा?


