
वासु सोनी चांपा। जांजगीर चांपा जिले के जीएसटी विभाग की बात करें तो यहां के अधिकारी तो अधिकारी, कर्मचारी भी क्या कर रहे है, उसकी जानकारी नहीं है?
आपको बता दें कि सूचना के अधिकार के तहत जानकारी लेने पर प्रार्थी को बौद्धिक संपदा, निजी गोपनीयता और प्रतियोगी भाव को देखते हुए साथ ही लोकहित से संबंधित नहीं होने का हवाला देते हुए प्रथम अपीलीय अधिकारी से अपील करने की बात लिखी गई। वहीं जब पत्र प्राप्त हुआ तब उसमें प्रथम अपीलीय अधिकारी महेंद्र सिंह धनेलिया संयुक्त राज्यकर बिलासपुर संभाग लिखा हुआ है। वहीं ऑनलाइन प्रथम अपील में श्वेता यादव का नाम अंकित है। साथ ही जीएसटी विभाग जांजगीर चांपा कार्यालय के बोर्ड ने आलोक कुमार सिंह अंकित है। जिससे यही प्रतीत होता है जांजगीर चांपा जिले का जीएसटी विभाग सूचना का अधिकार कार्यकर्ताओं को भ्रमित करने के उद्देश्य से ऐसा कर रहा है।
अधिकारियों के पास नहीं समय आरटीआई कार्यकर्ताओं से मिलने का, व्यवसायियों के लिए भरपूर समय….
जीएसटी विभाग नाम से ही चरितार्थ है कि व्यवसायियों के द्वारा की जाने वाली लेन देन के हिसाब का लेखा जोखा करना होता है जिसके लिए व्यवसायियों को पूरा समय देना होता है। वही अन्य कार्यों के लिए जीएसटी विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों के पास समय ही नहीं होता। वहीं जीएसटी विभाग जिला जांजगीर चांपा की बात करें तो यहां के अधिकारी कर्मचारी जिले के उच्च अधिकारियों को भी पीछे छोड़ रहे है।
बहरहाल जीएसटी विभाग लोगों को भ्रमित करने का कार्य तो नहीं कर रहा है? क्या जांजगीर चांपा जीएसटी विभाग के अधिकारी कर्मचारी उचित कार्य कर रहे है? क्या जीएसटी विभाग के पास जांच करने कोई जवाबदारी नहीं हुआ? क्या जीएसटी विभाग के पास कोई जानकारी नहीं है? ऐसे तमाम सवालों के जवाब जनता के बीच से कर पटाने वालों का है लेकिन उसका जवाब शायद ही जीएसटी विभाग दे सके।


