वासु सोनी चांपा। नगर के एकमात्र रेलवे स्टेशन चांपा जिसकी ख्याति देश प्रदेश तक थी। जिसे बदहाल करने के पीछे रेलवे स्टेशन चांपा के जिम्मेदार स्टेशन मास्टर, सीआई और स्वास्थ्य निरीक्षक का प्रतीत हो रहा है।
आपको बता दें कि चांपा स्टेशन मास्टर, सीआई और स्वास्थ्य निरीक्षक सिर्फ उच्च अधिकारियों के आने पर ही चांपा स्टेशन में नजर आते है। इन जिम्मेदारो को चांपा स्टेशन से कोई सरोकार नहीं है। सिर्फ रेलवे के उच्च अधिकारियों को दिखाने के लिए ही इनके द्वारा सभी कार्य सही तरीके से कराया जा रहा है। वही स्टेशन की स्थिति बद से बदतर बनाने के जिम्मेदार भी इन्हें ही माना जा सकता है। इन अधिकारियों को सिर्फ अपने उच्च वेतन से ही सरोकार है यात्रियों के प्रति गम्भीर जिम्मेदार से शायद इनका कोई लेना देना नहीं है।
डिप्टी सीसीएम 5 मिनट झाड़ू लगाने पहुंचे चांपा स्टेशन…
आपको बता दें कि चांपा स्टेशन के स्वास्थ्य निरीक्षक अपनी मर्जी से आना जाना करते है। जब भी रेलवे के उच्च अधिकारी चांपा स्टेशन पहुंचते है वे ऐसा दिखाते है कि उनसे विश्वसनीय कर्मचारी पूरे भारत में नहीं है। 06 अक्टूबर की दोपहर बिलासपुर डिवीजन के डिप्टी सीसीएम चांपा स्टेशन पहुंच झाड़ू लगाते दिखे, लेकिन जब उनके साथ खड़े कर्मचारियों से फोटो लेना चाहा गया तो किसी ने नहीं दिया बल्कि एक दूसरे का मुंह ताकते नजर आए। डिप्टी सीसीएम सिर्फ 5 मिनट झाड़ू लगाते नजर आए। आखिर ऐसे क्या वजह थी जिसके कारण डिप्टी सीसीएम सिर्फ 5 मिनट झाड़ू लगाने चांपा स्टेशन पहुंचे थे। वही चांपा स्टेशन में गंदगी का अंबार लगा रहता है तब कोई भी अधिकारी कर्मचारी नजर नहीं आते। चांपा स्टेशन के स्वास्थ्य निरीक्षक भी कुम्भकर्णीय नींद में रहते है। दूसरी ओर बिलासपुर से पहुंचे अधिकारी साफ जगह को सफाई करते दिखे। स्टेशन के अंतिम छोर की गंदगी से उन्हें दूर रखा गया। चांपा स्टेशन के स्वास्थ्य निरीक्षक को कोई जानकारी ही नहीं रहती क्योंकि स्टेशन में कम ओर अपने काम से बाहर ज्यादा रहते है।
बहरहाल बिलासपुर से पहुंचे रेलवे के उच्च अधिकारी साफ जगह को साफ करने पहुंचे थे, इन्हें गंदगी वाले जगहों दूर रखा गया, यही सोचकर कि कही अधिकारी नाराज ना हों जाए और कोई कार्रवाई ना कर दे। अंत में 5 मिनट की झाड़ू स्कीम के बाद उच्च अधिकारी अपने आगे की यात्रा पर निकल गए।

