वासु सोनी (बिहान खबर)। कोई फर्क नहीं पड़ता… क्या सचमुच हाथ में कमल आ गया? युवक कांग्रेस चुनाव में क्या क्या देखने और सुनने को मिल रहा है? छत्तीसगढ़ प्रदेश में युवक कांग्रेस चुनाव का बिगुल बज चुका है? सभी अपनी अपनी तैयारियों में जुट हुए है? कही बैठक, कही पार्टियां, तो कही घर पहुंच सुविधा, ना जाने क्या क्या स्कीम शुरू हो चुका है, वही चुनाव के बीच हाथ का साथ देने फूल बिरादरी के लोग भी पहुंच रहे हैं? इसी बीच चमड़े की जुबान है फिसल गई वाली कहावत लागू हो रही है, लोग तो यह भी कह रहे है कि हाथ का गमछा भी फुल वालों को लटका लेना चाहिए। फिर युवक कांग्रेस क्या विधायकी भी बराबरी की बात होगी।
बताते चले कि युवक कांग्रेस चुनाव को लेकर जिले और शहर के युवक कांग्रेस के युवक जी जान लगा कर अपनी अपनी ताकत झोंक रहे है। युवक कांग्रेस के हजारों युवकों की सदस्यता के साथ ही बैठक, पार्टियां और लेन देन की बाते चर्चा का माहौल गर्म कर रही है, लेकिन इस बीच विपक्ष के लोगों के द्वारा भरपूर समर्थन और साथ, हाथ का दिया जा रहा है यह भी चर्चा का विषय बना हुआ है। अब तो विपक्षी फूल वालों को हाथ से गमछा भी पहन लेना चाहिए यह बातें हवा की भांति उड़ रही है! फिलहाल कोई फर्क नहीं पड़ता, एक ओर सबका साथ सबका विकास लाइन जब बन ही गई है तो उसका फायदा हाथ को भी तो मिलना चाहिए? इसी तर्ज में युवक कांग्रेस के चुनाव में फूल खुद हाथ मिला रही है।

