जांजगीर-चांपा। मौसमी इन्फ्लुएंजा (H1N1 सहित) के प्रकरणों को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले के सभी शासकीय एवं निजी स्वास्थ्य संस्थानों के लिए एडवाइजरी जारी की गई है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी श्रीमती अनिता श्रीवास्तव ने बताया कि एडवाइजरी में संदिग्ध एवं गंभीर मरीजों की समय पर पहचान, आवश्यक जांच, उपचार, संक्रमण नियंत्रण तथा रेफरल की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
*मरीजों को तीन श्रेणियों में किया गया वर्गीकृत*
एडवाइजरी में मरीजों को उनकी स्थिति के आधार पर तीन श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है। श्रेणी-A में बुखार, खांसी, गले में खराश, शरीर में दर्द, सिरदर्द जैसे सामान्य लक्षण वाले मरीजों को चिकित्सकीय परामर्श के अनुसार लक्षणात्मक उपचार एवं घर पर देखभाल की सलाह देने को कहा गया है।
श्रेणी-B में श्रेणी-A के लक्षणों के साथ अधिक जोखिम वाले अथवा अधिक गंभीर लक्षण वाले मरीजों का चिकित्सकीय परीक्षण कर चिकित्सक के परामर्श के अनुसार एंटीवायरल उपचार देने के निर्देश हैं। वहीं श्रेणी-C में सांस लेने में कठिनाई या सांस फूलना, ऑक्सीजन संतृप्ति (SpO₂) में कमी, निमोनिया के लक्षण, बेहोशी/चेतना में परिवर्तन, गंभीर निर्जलीकरण, शॉक अथवा अन्य गंभीर स्थिति वाले मरीजों को तत्काल अस्पताल में भर्ती अथवा उच्च स्वास्थ्य संस्था में रेफर करने के निर्देश दिए गए हैं।
*हर हल्के लक्षण वाले मरीज की H1N1 जांच जरूरी नहीं*
स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रत्येक हल्के लक्षण वाले मरीज का नियमित रूप से H1N1 परीक्षण आवश्यक नहीं है। निर्धारित श्रेणी, गंभीर बीमारी, क्लस्टर/आउटब्रेक तथा सर्विलांस की आवश्यकता के अनुसार चिकित्सकीय एवं विभागीय दिशा-निर्देशों के तहत नमूने लिए एवं जांच के लिए भेजे जाएंगे।
एडवाइजरी में Oseltamivir का उपयोग चिकित्सकीय सलाह एवं निर्धारित राष्ट्रीय/राज्यीय दिशा-निर्देशों के अनुसार करने के निर्देश दिए गए हैं। गंभीर एवं उच्च जोखिम वाले मरीजों में उपचार प्रारंभ करने में अनावश्यक विलंब नहीं करने को कहा गया है।सभी स्वास्थ्य संस्थानों में मास्क का उचित उपयोग, हाथों की नियमित सफाई, खांसते/छींकते समय मुंह एवं नाक ढकने, पर्याप्त वेंटिलेशन तथा संक्रमित/संदिग्ध मरीज को आवश्यकता अनुसार अन्य मरीजों से अलग रखने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा आवश्यक संक्रमण नियंत्रण सावधानियों का पालन सुनिश्चित करने को भी कहा गया है।
हल्के लक्षण वाले मरीजों को पर्याप्त आराम, तरल पदार्थ एवं चिकित्सकीय सलाह के अनुसार उपचार लेने की सलाह दी गई है। लक्षण बढ़ने पर तत्काल स्वास्थ्य संस्था में संपर्क करने के लिए कहा गया है।
जिले में H1N1 एवं मौसमी इन्फ्लुएंजा की स्थिति पर सतत निगरानी रखी जा रही है। H1N1/मौसमी इन्फ्लुएंजा के संदिग्ध, गंभीर एवं पुष्ट प्रकरणों तथा इन्फ्लुएंजा से होने वाली मृत्यु की सूचना निर्धारित IDSP/स्वास्थ्य विभागीय रिपोर्टिंग प्रणाली के अनुसार समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी श्रीमती अनिता श्रीवास्तव ने बताया कि जांजगीर जिले में अब तक कुल 07 H1N1 संदिग्ध/रिपोर्टेड प्रकरण सामने आए हैं। इनमें से 03 प्रकरणों के नमूने जिला स्तर से जांच के लिए भेजे गए थे, जिनमें से 01 प्रकरण H1N1 पॉजिटिव पाया गया है। कुछ प्रकरणों की जांच निजी स्वास्थ्य संस्थानों में भी कराई गई थी। संबंधित मरीजों को निजी स्वास्थ्य संस्थानों द्वारा उपचार एवं आगे की चिकित्सा के लिए बिलासपुर रेफर किया गया था।
उन्होंने बताया कि जिले में H1N1 की स्थिति पर सतत निगरानी रखते हुए संदिग्ध एवं गंभीर प्रकरणों की समय पर पहचान, आवश्यक नमूना संग्रहण, उपचार एवं रेफरल सुनिश्चित किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा सभी शासकीय एवं निजी स्वास्थ्य संस्थानों को एडवाइजरी में दिए गए निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने कहा गया है।

