वासु सोनी चांपा। जिला प्रशासन और खाद्य औषधि प्रशासन के अधिकारी कर्मचारी जांजगीर चांपा जिले में निवास करने वाले लोगों की जान से खिलवाड़ करते नजर आ रहे है। कई वर्षों से जिले के ठेला गुमटी संचालकों के द्वारा बेचे जाने वाले खाद्य सामग्रियों की जांच करने विभाग सक्रिय नहीं है। जिसके चलते जिले में ठेला गुमटी में खाद्य सामग्री बेचने वालों की संख्या में लगातार इजाफा होता जा रहा है। वहीं जिले के अधिकारी कर्मचारियों द्वारा जांच नहीं करने के कारण आम जनता का शरीर बीमारियों का घर बनता जा रहा है।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग जांजगीर चांपा के अधिकारी कर्मचारी कार्यालय की कुर्सियां तोड़ते नजर आते रहते है। वहीं त्योहारी सीजन के आने के पहले खानापूर्ति के नाम पर कभी कभार कोई कार्रवाई कर अपने कार्यों से इतिश्री कर लेते है। आम जन के मन में हमेशा यही सोच रहती है कि खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग अगर सही तरीके से कार्रवाई नहीं कर पा रहा है तो ऐसे विभाग को हमेशा के लिए बंद कर अधिकारी कर्मचारियों को दी जाने वाली वेतन को बंद कर देना चाहिए जिससे शासन का खजाना हमेशा भरा रहें। विभाग में अपनी नियुक्ति कर सिर्फ शासन के राशि के दुरुपयोग करना ऐसे अधिकारी और कर्मचारियों की खराब मानसिकता को प्रदर्शित करती है।
क्यों नहीं कर रहे कार्रवाई, क्या कलेक्टर को है जानकारी?
खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के बारे में संभवतः जिले के कलेक्टर को कोई जानकारी नहीं है। आखिर यह विभाग साल भर में कितनी कार्रवाई कर रहा है। इस बात को भी सुनिश्चित करने कोई ईमानदार आधिकारी कर्मचारी जिले में मौजूद नहीं है।
बहरहाल जिले के उच्च स्तर के अधिकारी कर्मचारी सिर्फ अपनी रोटी सेंकने में लगे है। उच्च अधिकारियों को इनसे कोई सरोकार नहीं है जिसके चलते विभाग के अधिकारी कर्मचारी अपनी मनमर्ज करते देखे जा सकते हैं?

