वासु सोनी चांपा। बीते दिनों चांपा नगर के बरपाली चौक स्थित एक मिठाई दुकान में शिकायत के आधार पर जांच कार्रवाई की गई। जिस कार्रवाई की रिपोर्ट सार्वजनिक करने जिले के उच्च अधिकारियों और संबंधित अधिकारियों के पसीने छूट रहे है। वही खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के अधिकारी अजीत बघेल और मोहित बेहरा जानकारी देने आनाकानी करते नजर आ रहे है? क्या इन अधिकारियों की जिले के कलेक्टर का संरक्षण प्राप्त है जिसके चलते ये दोनों अधिकारी अपनी मनमर्जी करने आमादा है?
फोन पर जानकारी नहीं दूंगा, ऑफिस आओ तब जानकारी दूंगा…
जांजगीर चांपा जिले के खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के अधिकारी अजीत बघेल से बरपाली चौक स्थित मिठाई दुकान में कार्रवाई के बारे में जब पत्रकार ने जानकारी फोन के माध्यम से पूछी तब उन्होंने कहा कि कार्यालय आओ तब जानकारी दूंगा, फोन में जानकारी नहीं दूंगा? वही सोमवार की सुबह 10 बजे जब खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग में पहुंच गया तो वह कोई भी अधिकारी कर्मचारी नहीं थे। सिर्फ साफ सफाई करने वाले पहुंचे थे। वही धीरे धीरे कुछ कर्मचारी पहुंचने लगे। जिस पर पत्रकार के द्वारा मोबाइल में फोटो खींच कर खाद्य एवं औषधि प्रशासन के अधिकारी अजीत बघेल को फोटो व्हाटसअप पर भेजी गई कि वो वहां उपस्थित है और आप अधिकारी होकर अनुपस्थित है तब उनके द्वारा लगभग 20 मिनट बाद व्हॉट्सऐप पर सन्देश आया कि आप डीओ बेहरा जी से मिल लीजिए वो ऑफिस में है। बेहरा जी से मिलने उनके का कमरे में जब पहुंचे तो उन्होंने पत्रकार का परिचय पूछ और बैठने कहा। वही जब चांपा नगर स्थित बरपाली मिठाई दुकान में कार्रवाई की बात पूछी गई तो उन्होंने कहा अजीत बघेल से पूछो? इससे यह प्रतीत होता है कि मिठाई दुकान में जांच के लिए विभाग से पहुंचे थे लेकिन संभवतः रिश्वतरूपी मिठाई डब्बा मिल जाने के कारण ये बाते सार्वजनिक नहीं की जा रही है?
कहीं जांच के नाम पर अवैध वसूली तो नहीं?
चांपा नगर में जब मिठाई दुकान में शिकायत की कार्रवाई की जानकारी पहुंची तो आम जनता को लगा कार्रवाई होगी और रिपोर्ट सार्वजनिक की जाएगी लेकिन सम्भवतः रिश्वतरूपी मिठाई डब्बा मिलने के कारण शिकायत और कार्रवाई की बाते सार्वजनिक नहीं कर रहे है बल्कि पत्रकार को कार्यालय आने पर जानकारी देने को बात कहते हुए भी जानकारी नहीं दी जा रही है?
कलेक्टर से जानकारी लेने की बात पर अजीत बघेल ने कहा जाइये पूछ लीजिए…
सोमवार की सुबह जब खाद्य एवं औषधि प्रशासन के कार्यालय पत्रकार पहुंचे तब खाद्य एवं औषधि प्रशासन के अधिकारी एक दूसरे से जानकारी पूछने की बात कहने लगे लेकिन किसी ने जानकारी नहीं दी? वहीं जब इस बारे में पत्रकार ने कलेक्टर से मिलने की बात कही तब अजीत बघेल ने कहा कि जाईये पूछ लीजिए? जिससे यह स्पष्ट हो रहा है कि इन सारी बातों में कलेक्टर की अहम भूमिका है साथ ही इन दोनों अधिकारी अजीत बघेल और मोहित बेहरा को जिले के कलेक्टर का पूरा संरक्षण मिल रहा है?
बहरहाल ऐसे भ्रष्ट अधिकारी और कर्मचारियों के कारण ही खाद्य और औषधि प्रशासन विभाग द्वारा जिले और नगर के किसी भी खाद्य सामग्री की उचित जांच नहीं की जा रही और जो भी कार्रवाई की जा रही उसकी जानकारी सार्वजनिक नहीं की जा रही? जिससे इस विभाग के द्वारा भ्रष्टाचार की जड़ें बहुत ही मजबूत बना दी गई है। जिसकी पूरी जवाबदेही अजित बघेल और मोहित बेहरा को जानी चाहिए?



