बिना काम पूरा किए गांव लौट आया मजदूर परिवार, अब झेल रहा समाजिक बहिष्कार का दंश, जानिए क्या है मामला

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गरियाबंद,

जिले के तेंदूपाटी गांव में एक परिवार के 13 सदस्य पर मुसीबत का पहाड़ टूट पड़ा है. यहां गांव वालों ने मजदूर परिवार का हुक्का पानी बंद कर दिया है. मामले में पुलिस स्थिति सामान्य करने में जुटी है. वहीं पीड़ित परिवार उन दलालों पर कार्रवाई की मांग कर रहा है, जिनके चलते ये समाजिक दंश झेलना पड़ रहा है.

दरअसल, इंदागांव थाना क्षेत्र में तेंदूपाटी गांव में आदिवासी परिवार को मजदूर दलालों ने ईट भट्टे में काम करने की बात कही. दलालों ने एडवांस 60 हजार रुपए देकर परिवार को आंध्र के बोरा कुंडा गांव में ईट भट्टे में भेज दिया था. जहां ठेकेदार ने इन्हें सप्ताह भर में 20 हजार ईंट बनाने का लक्ष्य दे दिया. परिवार जानता था कि रातों को जागकर भी इस लक्ष्य को पूरा नहीं किया जा सकता, लेकिन ठेकेदार मारने पीटने की धमकी देता था. इससे परेशान होकर पूरा परिवार कच्ची सड़क पहाड़ों को पार कर के किसी तरह अपनी जान बचाकर वापस गांव लौट आया.

आदिवासी परिवार किसी तरह दलाल के चंगुल से छुटकर अपने गांव तो पहुंच गए लेकिन दलालों ने यहां भी उनका पीछा नहीं छोड़ा. दलाल ने ग्रामीणों को भड़का कर पीड़ित परिवार का हुक्का पानी बंद करा दिया. ठेकेदारों ने कहा कि 60 हजार का नुकसान हुआ है, अब हमें 1,20,000 रुपए दो वरना गांव से दूर रहो. इस परिवार में कई छोटे बच्चे भी हैं. जिनकी उम्र पढ़ने-लिखने और खेलने की है. पीड़ित परिवार ने ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.

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