
जशपुर। प्रदेश और जिले के सबसे इम्पोर्टेन्ट नगरी निकाय कुनकुरी सीट के अध्यक्ष पद के प्रत्याशी का एलान भाजपा ने कर दिया है। उम्मीद के मुताबिक भाजपा ने फिर से सुदबल राम यादव पर भरोसा जताते हुए उन्हें कुनकुरी से अध्यक्ष पद का प्रत्याशी बनाया है। बीते 2015 के निकाय चुनाव में सुदबल राम यादव ने पहली बार कुनकुरी नगर पंचायत में जीत का झंडा गाड़ा था इससे पहले और अबतक यहाँ काँग्रेस ही सत्ता में रही है।
पंचायत ने नगरपंचायत के अस्तित्व में आने के बाद पहली बार 2010 मे यहाँ चुनाव हुआ था तब काँग्रेस के सीनियर नेता मुरारी लाल अग्रवाल बतौर निर्दलीय प्रत्याशी यहाँ से अध्यक्ष निर्वाचित हुए थे। इस चुनाव में काँग्रेस दूसरे और भाजपा तीसरे नम्बर पर थी। 2015 में भाजपा के सुदबल राम यादव (वर्तमान भाजपा प्रत्याशी) 1700 से भी ज्यादा वोटों से निर्वाचित हुए थे लेकिन 2020 में यहाँ फिर से काँग्रेस की सरकार बन गयी। अजेम टोप्पो यहाँ की वर्गमान नगर पंचायत अध्यक्ष हैं।
इस बार के चुनाव में क्या होगा? काँग्रेस की वापसी या भाजपा की घरवापसी? यह सवाल चुनावी चर्चा का केन्द्रविन्दु बना हुआ है। लेकिन अभी जीत हार को लेकर समीक्षा या भविष्यवाणी करना इस लिहाज से जल्दबाजी होगी क्योंकि काँग्रेस ने अभी तक अपना पत्ता नहीं खोला है। यहाँ से काँग्रेस किसे प्रत्याशी बनाएगी यह तय हो जाएगा तभी कुछ समीक्षा या भविष्यवाणी की जा सकती है।
हांलाकि कांग्रेसी खेमे में पीसीसी मेम्बर और पूर्व सीएम भुपेश बघेल के निकट सहयोगी विनयशील के चुनाव लड़ने की काफी चर्चा है। माना जा रहा है कि काँग्रेस इस बार युवा चेहरे पर दांव खेलने का मन बना चुकी है इसलिए विनयशील को करीब करीब मैदान में उतार दिया गया है। कहा जा रहा है कि काँग्रेस कुनकुरी के लिए हाई लेबल की तैयारी कर चुकी है और यह सीट काँग्रेस के हाई लेबल नेताओं की निगरानी में रहेगी। पूर्व सीएम भुपेश बघेल की इस सीट पर खाश नजर रहने वाली है। खैर, काँग्रेस की रणनीति क्या होगी यह तो कुछ दिन में साफ हो जाएगा लेकिन अगर विनयशील को काँग्रेस उम्मीदवार बनाती है तब क्या होगा इस पर ज्यादा सस्पेंस है और इसी सवाल पर अभी तक सूई अटकी हुई है।
राजनीति के जानकार मानते है कि काँग्रेस अगर विनयशील को उम्मीदवार बनाती है तो काँग्रेसी वोट बैंक के अतिरिक्त भाजपाई वोटों पर भी सेंध लग सकती है क्योंकि विनयशील भले ही काँग्रेस से है लेकिन इनका पारिवारिक बैक ग्राउंड कांग्रेस और भाजपा दोनों से है। इनके पिता स्व विष्णु गुप्ता हिंदू सनातन धर्म के संरक्षक रहे हैं, उनकी शुरुआत भी कांग्रेस से हुई हालांकि कुछ समय वे भाजपा में भी रहे। इनके ताऊ स्व बद्री प्रसाद गुप्ता कांग्रेस के कुनकुरी ब्लॉक अध्यक्ष भी रहे हैं। इनके एक और ताऊ कैलाश गुप्ता अभी भी भाजपा के सीनियर नेताओं में से एक हैं और इससे भी बड़ी बात यह कि विनयशील रौनियार समाज से हैं जिनके वोटों की संख्या काफी निर्णायक मानी जाती है। ऐसे में यह सीट काफी इंटरेस्टिंग और रोचक मुकाबले की हो सकती है।
वैसे भाजपा प्रत्याशो सुदबल राम यादव सीधे सज्जन और निर्विवाद छवि के सीनियर नेता माने जाते हैं और समाज के सभी वर्गों में इनकी पैठ के चलते पार्टी ने इन्हें दुबारा मौका दिया है। भाजपा को पूरा भरोसा है कि सुदबल ही कुनकुरी के जीताऊ अध्यक्ष हैं। बहरहाल काँग्रेस अपने प्रत्याशी का एलान कब करती है इस पर सबकी नजर टिकी हुई है।


