भंडारा में कपड़े की लॉन्ड्री या कहें ड्राई क्लीनिंग दुकान में नोटों का पहाड़ मिला है। नोटों का पहाड़ देखकर अधिकारियों की आंखें भी फटी की फटी रह गई। पूरा मामला महाराष्ट्र के भंडारा जिले का है। यहां एक कपड़े की लॉन्ड्री से 5 करोड़ रुपये नकदी जब्त की गई है। मामले में महाराष्ट्र पुलिस ने 10 लोगों को गिरफ्तार किया है। यह नकदी एक बैंक की तुमसर शाखा से मनी लांड्रिंग के तहत निकाली गई थी। पुलिस का मानना है कि इस गिरोह में बैंक अधिकारी, लॉन्ड्री मालिक और अन्य लोग शामिल हैं।
नकदी जब्त होने के बाद, पुलिस ने यह भी बताया कि इस रैकेट में शामिल एक लॉन्ड्री मालिक भी हिरासत में लिया है। यह छापेमारी एक गुप्त सूचना पर की गई थी, जिसमें पुलिस को जानकारी मिली थी कि इस नकदी का लेन-देन लॉन्ड्री से किया जाएगा। जब पुलिस ने छापेमारी की, तो 5 करोड़ रुपये की नकदी जब्त की गई और अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया।
मामले की जानकारी देते हुए भंडारा एसपी नूरुल हसन ने बताया कि कुछ लोगों ने स्पष्ट तौर पर एक्सिस बैंक के शाखा प्रबंधक को छह करोड़ रुपये वापस देने का वादा कर उन्हें पांच करोड़ रुपये देने का लालच दिया था।
नूरुल हसन ने बताया कि यह नकदी एक कॉरपोरेट बैंक की तुमसर शाखा से लाई गई थी। इस रकम को एक इंटर स्टेट गिरोह द्वारा धोखाधड़ी से निकाला गया था। बैंक अधिकारियों, विशेष रूप से शाखा प्रबंधक गौरीशंकर धोकचंद्र और संचालन प्रमुख विशाल ठाकुर पर आरोप है कि वे मनी लांड्रिंग में शामिल थे। इस मामले में अभी कई अन्य आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। यह गिरोह कई राज्यों में मनी लांड्रिंग का काम कर रहा था, और इस मामले में और भी कई लोगों की गिरफ्तारी हो सकती है।
बैंक अधिकारियों की भी भूमिका
इन लोगों ने आम जनता का पैसा निकालकर इसे लॉन्ड्री में जमा करवा दिया। इसके बाद इन पैसों को राज्य से बाहर के गिरोह को सौंपा जाना था। पुलिस के मुताबिक, यह नकदी एक इंटर स्टेट मनी लांड्रिंग स्कीम का हिस्सा थी, जिसके तहत छत्तीसगढ़ और गोंदिया में पैसे दोगुना करने का काम किया जा रहा था। यह गिरोह आम जनता के पैसों को लेकर उन्हें डबल करने का लालच देता था, और इस धोखाधड़ी में बैंक अधिकारियों की भी भूमिका थी।
मशीनों से पैसे गिनने में लगे दो घंटे
मशीनों की मदद से नकदी गिनने में पुलिस को करीब दो घंटे लग गए। हसन ने कहा, प्रबंधक ने बैंक से नकदी निकाल ली। हमने एक्सिस बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित कर दिया है और उनके तुमसर आने पर अधिक जानकारी प्राप्त की जाएगी।’ उन्होंने बताया कि बैंक मैनेजर और आठ अन्य लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।
ईडी और आरबीआई भी करेंगी जांच
आरोपी बैंक अधिकारियों ने इस पैसे को लॉन्ड्री में रखा, जहां से इसे अन्य ठिकानों पर भेजा जाना था। संगठित अपराध के इस मामले की जानकारी प्रवर्तन निदेशालय (ED), आयकर विभाग और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) को भी दे दी गई है। इन एजेंसियों ने भी इस मामले की जांच शुरू कर दी है, जिससे मामला और भी जटिल हो सकता है।



