
वासु सोनी जांजगीर चांपा। जांजगीर से बिलासपुर जाने वाले हाईवे स्थित रोडा ढाबा एक बार फिर चर्चा में है। आरोप है कि यहां नाबालिग बच्चों से काम कराया जा रहा है, जबकि कानून के अनुसार बाल मजदूरी एक गंभीर अपराध है। इसके साथ ही ढाबा परिसर में शराब पीने वालों को चखना परोसे जाने और वाहन चालकों द्वारा शराब सेवन किए जाने की बात भी सामने आ रही है, जिससे सड़क सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
जानकारी के अनुसार, रोडा ढाबा में कम उम्र के बच्चों को विभिन्न कार्यों में लगाया गया है। आरोप सही पाए जाने की स्थिति में यह बाल श्रम निषेध कानून का उल्लंघन माना जा सकता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पढ़ाई-लिखाई की उम्र में बच्चों से काम कराना उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
वहीं दूसरी ओर ढाबा परिसर में शराब पीने वालों की मौजूदगी और उन्हें चखना उपलब्ध कराए जाने के आरोप भी लगाए जा रहे हैं। सबसे बड़ी चिंता यह है कि यदि कोई वाहन चालक शराब का सेवन करने के बाद वाहन चलाता है तो सड़क दुर्घटना की आशंका कई गुना बढ़ जाती है। राष्ट्रीय राजमार्ग पर इस तरह की गतिविधियां यात्रियों और अन्य वाहन चालकों की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती हैं।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन, श्रम विभाग और पुलिस विभाग से मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि बाल मजदूरी और शराब सेवन से जुड़े आरोप सही हैं तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
“फिलहाल सवाल यह है कि क्या प्रशासन इन आरोपों की जांच करेगा? क्या बाल मजदूरी पर रोक लगाने और राजमार्ग पर संभावित हादसों को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएंगे? अब सभी की निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।”

