
वासु सोनी चांपा। जांजगीर चांपा जिले के अन्तर्गत कई स्थानों पर पर्यावरण संरक्षण मंडल बिलासपुर के अधिकारी कर्मचारियों द्वारा राखंड रूपी जहर के व्यवसाय को बढ़ावा दिया जा रहा है। पर्यावरण संरक्षण मंडल बिलासपुर वृत्त की अधिकारी रश्मि श्रीवास्तव द्वारा अनेक कारनामों को अंजाम दिया जा रहा है। पूर्व में हनुमान धारा में राखड़ डाले जाने के बारे में कोई जानकारी नहीं दिया गया। जिसकी शिकायत प्रार्थी ने प्रधानमंत्री शिकायत पोर्टल में शिकायत की। पर्यावरण संरक्षण मंडल बिलासपुर वृत्त की अधिकारी रश्मि श्रीवास्तव द्वारा उसका जवाब आज तक नहीं दिया गया है। जिससे स्पष्ट हो रहा है कि रश्मि श्रीवास्तव देश के सबसे बड़े पद पर विराजित है। वहीं दूसरी ओर बिना जांच किए जांजगीर क्षेत्र के बिरगहनी ग्राम पंचायत में राखड़ पाटे जाने की शिकायत सुशासन तिहार में किया गया था। जिसका फर्जी हस्ताक्षर करवाकर मामले का निराकरण भी कर दिया गया।
क्या था मामला
जांजगीर चांपा जिले के ग्राम पंचायत बिरगहनी के पंच और विधायक प्रतिनिधि गोपी यादव के द्वारा सुशासन तिहार के दौरान ग्राम पंचायत क्षेत्र में डाले जा रहे राखड से संबंधित शिकायत की थी। जिसे लेकर पर्यावरण संरक्षण मंडल बिलासपुर के कुछ अधिकारी मौके का निरीक्षण करने पहुंचे थे, मौके पर विधायक प्रतिनिधि गोपी यादव भी पहुंचे। जहां अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण कर रिपोर्ट अपने उच्च अधिकारी को सौंप दिया। वहीं शिकायत पर जिन लोगों के द्वारा राखड़ पाटने का काम किया जा रहा था उनके द्वारा प्रार्थी से शिकायत वापस लेने लगातार मौखिक दबाव भी बनाया गया लेकिन प्रार्थी ने शिकायत वापस नहीं लिया गया। जिसके कुछ दिनों के बाद प्रार्थी गोपी यादव ने जब शिकायत की जानकारी ली तो प्रार्थी के पैरों तले जमीन खिसक गई, किसी ने फर्जी हस्ताक्षर कर शिकायत वापस लेने आवेदन जमा कर दिया है। जिसके चलते पर्यावरण अधिकारी रश्मि श्रीवास्तव ने शिकायत का निराकरण कर दिया। जिस पर प्रार्थी ने पर्यावरण अधिकारियों से संपर्क कर जानकारी भी ली, तब अधिकारी ने बताया कि प्रार्थी के द्वारा आवेदन वापस लेने आवेदन दिया गया है जिसके कारण शिकायत का निराकरण कर दिया गया। तब प्रार्थी ने बताया कि उनके द्वारा कोई भी आवेदन नहीं गया है।
गोपी यादव ने कलेक्टर और एसपी से की लिखित शिकायत…
राखड कांड में फर्जी हस्ताक्षर की जानकारी मिलते ही गोपी यादव ने जांजगीर चांपा जिले के कलेक्टर और एसपी से लिखित शिकायत कर मामले की उच्च स्तरीय जांच करने गुहार लगाई है। आखिर किस व्यक्ति ने फर्जी हस्ताक्षर कर राखड मामले में फर्जी आवेदन लगाकर मामले का खात्मा करने की कोशिश की? प्रार्थी ने कहा कही पर्यावरण संरक्षण मंडल के अधिकारी कर्मचारियों की साजिश तो नहीं?
दोबारा जांच करने पहुंच सकते है अधिकारी कर्मचारी?
प्रार्थी गोपी यादव ने फर्जी हस्ताक्षर मामले की शिकायत जिले के कलेक्टर और एसपी से कर दी है। साथ ही मुख्यमंत्री शिकायत पोर्टल 1076 में भी इसकी शिकायत कर दी है। जिसे लेकर पर्यावरण संरक्षण मंडल बिलासपुर के अधिकारी कर्मचारी दोबारा जांच करने पहुंच सकते है? अब समझ यह नहीं आ रहा कि आखिर एक बार जांच करने के बाद दोबारा किस चीज की जांच करने अधिकारी पहुंचने वाले है, आखिर अधिकारी पूर्व में जांच हो चुके मामले में कार्रवाई क्यों नहीं कर पा रहे? आखिर राखड पाटने वालो से सांठ गांठ का मामला तो नहीं? दोबारा किस चीज की जांच करने अधिकारी पहुंचेगे यह सोच का विषय है?
बहरहाल राखड कांड मामले में अधिकारी, कर्मचारी और राखड माफिया की आपसी सांठ गांठ की बात सामने आ रही है? वही राखड कांड मामले में करोड़ों का वारा न्यारा की बात भी कही जा रही है? अब देखना यह है कि कार्रवाई होगी या मामला रफा दफा कर दिया जाएगा?

