ठेकेदारों का काम खराब, फिर भी मरम्मत और रिपेयरिंग का भुगतान? आखिर कितने में होती है भुगतान के लिए डील, नपा चांपा में कैसे हो जाता है भुगतान? कलेक्टर क्यों नहीं कर पा रहे जांच…

0
61

 

वासु सोनी चांपा। नगर पालिका परिषद चांपा में भ्रष्टाचार तो 1000 प्रतिशत हो रहा है लेकिन भुगतान के लिए डील कितने में और किया अधिकारी कर्मचारी के द्वारा की जा रही है? ये अत्यंत जांच का विषय है लेकिन जांच ना हो पाना संदेह को मौन स्वीकृति प्रदान कर रहा है। नगर की जनता सिर्फ सोच रही है कि खराब मटेरियल और खराब निर्माण कार्य से भुगतान हो कैसे जा रहा है। मरम्मत और रिपेयरिंग के साथ नए निर्माण कार्यों की जांच कैसे की जा रही है? क्या इसकी जांच, केंद्रीय जांच एजेंसी से करवाने के बाद खुलासा होगा या इसके लिए भी कमीशन और रिश्वत कहलाने वाली राशि पहले ही केंद्रीय टीम के पास भेजी जा चुकी होगी?

सवाल कई, जवाब के लिए प्रशासन मौन ? क्यों नहीं दे पा रहे जनता को जवाब? 

नगर पालिका परिषद चांपा में लगातार ऐसे कार्य संचालित किए जा रहे है जो भ्रष्टाचार की श्रेणी में आता है उसके बावजूद जिले और नगर के अधिकारी धृतराष्ट्र की भांति आंख पर सफेद पट्टी बांध जनता की नजरों में धूल झोंक रहे हैं। वही कई ऐसे सवाल है जिनका जवाब देने जिला प्रशासन मौन हो चुका है। ऐसे में सवाल यह भी उठता है कि क्या पूरा जिला प्रशासन भ्रष्ट हो चुका है?

काम खराब, फिर भी भुगतान पूरा…

नगर की जनता यह सोच रही है कि गुणवत्ताहीन कार्य कराए जाने के बाद भुगतान ठेकेदारों को कैसे मिल जा रहा है, जबकि कई स्थानों की बिना जांच किए भुगतना किया जा रहा है, वही मरम्मत और रिपेयरिंग के कार्यों में सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार हो रहा है। जिसकी जांच वर्षों से शायद ही की गई होगी?

अब देखना यह है कि जिला प्रशासन जांच कर पाता है गर्म जेब के साथ धृतराष्ट्र वाली कहावत चरितार्थ होगी?

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here