तीर कमान (वासु सोनी)। अब ये क्या सुन लिया। साहब रिटायरमेंट को लेकर बेसब्री में दिखाई दे रहे। वैसे भी नगर की पालिका है! साहब तो साहब ठहरे… गलती से किसी ने पूछ लिया साहब रिटायरमेंट कब है, कहने लगे मैं कैसे बताउंगा…बड़े साहब को बुलाता हूं उन्हीं से पूछ लेना। अब उन्हें कौन बताए कि गंगाधर ही शक्तिमान है…कह तो दिया! वैसे भी कोसा कांसा कंचन नगरी का पालिका में लाजवाब साहब बैठे हैं जिससे काम है उसी से ही करवाते हैं…अब कर्मचारी भी क्या करंे…साहब तो साहब ठहरे…रूको बुलाता हूं…उसी से पूछ लेना…कहीं कोई काम ना छूट जाए…रिटायरमेंट के पहले…लेकिन साहब को कैसे पता चल गया कि कोई उन्हें ही टारगेट बना रहा है…अचानक ही कहने लगे… मैं जान रहा हूं, मुझे ही टारगेट बना रहे हो…समझ नहीं आया लेकिन, कम से कम साहब को कुछ चीज की जानकारी तो है…वैसे भी साहब तो साहब ठहरे…

