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वासु सोनी चांपा। नगर पालिका परिषद चांपा अंतर्गत निविदा विवाद में नया मोड़ आ गया है। नपा चांपा के वर्तमान सीएमओ रामसंजीवन सोनवानी अपनी मनमर्जी से ठेका दे भी रहे हैं और उसे निरस्त भी कर दे रहे है। जिसके चलते नपा के ठेकेदार ने न्यायालय का रास्ता अपनाया। जहां न्यायालय ने वर्तमान सीएमओ को याचिकाकर्ता को लाख मुआवजा देने के आदेश भी दे दिया।
आपको बता दें कि जनवरी माह में नपा चांपा में निविदावार शुरू हो गया थे। जहां अपनी मनमर्जी से निविदा देने और निरस्त का मामला प्रकाश में आया था लेकिन नपा चांपा के जिम्मेदार इसे कुछ ज्यादा ही गोपनीय रखने और अपनी मनमर्जी करने के लिए आमादा हो गए थे। जिसके कारण निविदावर शुरू हो गया। अपने चहेते ठेकेदार को काम देने के लिए सभी एडी चोटी की जोर लगा रहे थे। अपने चहेतो को काम नहीं मिलने और कमीशन की अत्याधिक इच्छा ने नपा चांपा के अधिकारियों कर्मचारियों को वो सब करने मजबूर कर दिया जो उनके हाथ में ही नहीं था।
अपरिहार्य कारण लिखकर निविदा कर दिया निरस्त…
बीते दिनों की बात करें तो चांपा नपा में कई निविदा फॉर्म भरे गए थे, निविदा फॉर्म की जांच हुई, चहेतो को निविदा दे भी दिया लेकिन निविदावार शुरू हो गई और सीएमओ को अपरिहार्य कारण लिखकर कुछ निविदा को निरस्त भी कर दिया। जिससे नाराज ठेकेदार न्यायालय की शरण लेने पहुंच गए। न्यायालय ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी चांपा को निविदा निरस्त करने का अधिकार नहीं होने पर भी निविदा निरस्त करने के कारण याचिकाकर्ता को 1 लाख मुआवजा देने आदेश भी दे दिया।
निविदा निरस्त करने के पीछे वर्तमान सीएमओ का क्या उद्देश्य?
नपा चांपा में निविदा आमंत्रित करने और निविदा निरस्त करने के पीछे ऐसी कौन सी बड़ी वजह होगी, जिसके कारण शक्ति नहीं होने के बाद भी सीएमओ ने निविदा निरस्त कर दिया? क्या ठेकेदारों से कमीशन की मांग की गई? क्या कमीशन संबंधित बातें नहीं बन पाई? निविदा निकाला तो निरस्त करने का कारण क्यों नहीं बताया? ऐसी तमाम बातें है जो नगर की जनता जानना चाह रही है? वही नगर की जनता को नपा अधिकारी कर्मचारी की पढ़ाई को लेकर भी सन्देह किया जा रहा है?
बहरहाल न्यायालय के आदेश पर चांपा नगर पालिका परिषद के मुख्य नगर पालिका अधिकारी को याचिकाकर्ता को 1 लाख मुआवजा देने का आदेश दिया गया है। वही सूत्रों के अनुसार अन्य निविदा के प्रकरण के लिए भी मुख्य नगर पालिका अधिकारी को याचिकाकर्ता को मुआवजा देने का आदेश आ सकता है। इन प्रकरणों को देखते हुए यह प्रतीत हो रहा है कि चांपा के वर्तमान सीएमओ देश के किसी ऊंचे सम्मान के हकदार हो सकते हैं।


