वासु सोनी चांपा। जैसे तैसे नगर विकास में शुक्रवार के बाद शनिवार और रविवार आता है, तब ये वह समय होता है जब अधिकारी और कर्मचारियों के चेहरे खिल जाते है, साथ ही ठेकेदारों के विनाश कार्य अचीवमेंट का सही समय माना जा सकता है।
आपको बता दें कि नगर में चल रहे और शुरू होने वाले कार्यों की जानकारी किसी को ना देना यही अधिकारी और कर्मचारियों का मुख्य उद्देश्य माना जा सकता है? बंद एसी कमरे में ठेकेदारों से कमीशन की चर्चा और जल्दबाजी में काम शुरू करने की मंशा को लेकर कई हथकंडे अपनाए जा रहे है। उसकी बीच शनिवार और रविवार का समय ऐसा होता है जब अधिकारी और कर्मचारी चैन की नींद पूरी करने मोबाइल और अन्य संसाधन बंद कर अपनी सारी इच्छाएं पूरी करते रहते है तो दूसरी ओर बिना अधिकारी कर्मचारी के ठेकेदार धड़ल्ले से और तीव्र गति से एक दिन में कई काम निपटा देते है जिसकी जानकारी अधिकारी और कर्मचारी को नहीं होती? हमने पहले ही बताया है कि गुणवत्ताहीन कार्य की जांच कभी भी नहीं की जाती। काम पूर्ण होने के बाद सिर्फ दिखावे के लिए ही कार्यस्थल में पहुंचते है। नगर में हो चुके और होने वाले साथ ही चल रहे मरम्मत कार्यों की जांच नहीं की जाती।
कार्य गुणवत्ताहीन और बातें कौन क्या कर लेगा वाली…
नगर में कई ऐसे मरम्मत वाले कार्य चल रहे है, जिसकी गुणवत्ता देख आपको पता चल जाएगा कि आप कलयुग में ही हैं। संभवतः नगर के प्रत्येक मरम्मत कार्य को देखकर भी यही सोच आयेगा? लेकिन जिले में किस अधिकारी की हिम्मत जो मरम्मत कलयुग के बजाय सतयुग जैसे करवा सके।
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