वासु सोनी चांपा। नगर में विकास की रफ्तार कमीशन पर टिकी हुई है। जितनी ज्यादा कमीशन उतना ज्यादा मोड़ है। नगर में छोटे छोटे चल रहे मरम्मत कार्य में इतनी ज्यादा मोड़ है जितनी गांव की गलियों में मोड़ नहीं होता। वर्तमान में भारी विवाद भरे जगह जहां अधिकारी सिर्फ इतना कहकर चले गए कि जनता का काम है होने दीजिए जैसा हो रहा है? क्यों दिक्कत बढ़ा रहे है, मतलब अब जनता नगर विकास के बारे में कुछ पूछे भी मत? वहीं ठेकेदार ने जो बना दिया वही सही है? सुभाष चौक (गणेश मोबाइल) चौक के पास बन रहे नाली का हाल क्या कलेक्टर खुद चेक करने आयेंगे या देश के किसी मंत्री के द्वारा उस स्थान का निरीक्षण किया जाएगा? जहां तोड़ मरोड़ कर नाली बनाने का काम किया जा रहा है? लेकिन सिर्फ जनता का पैसा बर्बाद किया जा रहा है? ना जानकारी, ना बोर्ड, ना कार्य का नाम और ना ही कार्य की जांच, काम छोटे या बड़े कोई भी हो सिर्फ कमीशन मिलना चाहिए, काम का क्या है जनता आती और जाती रहती है?
बहरहाल अधिकारी और कर्मचारी सिर्फ जनता और जनता के विश्वास बर्बाद करने हमेशा तैयार रहते है। अब देखना यह है कि जांच हो रही या ठेकेदार को फायदा और ज्यादा होने वाला है, क्योंकि साहब गर्मी के समय में बंद एसी कमरे का आनंद लेने का मन बना रहे हो?

