कलेक्टर को सुरक्षा की चिंता…फिर आम जनता का क्या? पढ़िए कहां का मामला…

0
123

छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जहां जिले के कलेक्टर गोपाल वर्मा ने एसपी को पत्र लिखकर अपनी सुरक्षा की मांग की है। यह मामला तब और गंभीर हो जाता है जब यह देखा जाए कि कवर्धा राज्य के गृहमंत्री का गृह जिला है।

क्या है मामला?

15 अगस्त की रात कलेक्टर बंगले पर कांग्रेस नेता तुकाराम चंद्रवंशी अपने साथियों के साथ पहुंचे थे और प्रशासनिक लापरवाही को लेकर नाराजगी जताई थी। प्रदर्शन की वजह थी बिजली आपूर्ति बाधित होना और दुर्घटनाओं में घायल जानवरों का सही इलाज न मिलना।

घटना की वजह

15 अगस्त को आंधी-पानी के दौरान बिजली गिरने से तीन बंदरों की मौत हो गई और दो गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल बंदरों को वेटनरी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था। फोन करने पर डॉक्टर का मोबाइल बंद मिला। यही हाल तहसीलदार और एसडीएम का भी रहा। नाराज लोग कलेक्टर से संपर्क करना चाहते थे, लेकिन जब उन्होंने भी फोन नहीं उठाया, तो देर रात 1:30 बजे लोग घायल बंदर के साथ कलेक्टर बंगले का घेराव करने पहुंच गए।

कलेक्टर की मांग

कलेक्टर गोपाल वर्मा ने एसपी को लिखे पत्र में सवाल किया है कि “जब रात में प्रदर्शन हो रहा था, तब पुलिस की पेट्रोलिंग पार्टी कहां थी?” उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था की कमी को गंभीर त्रुटि बताया और बंगले के आसपास अतिरिक्त सुरक्षा की मांग की है।

प्रशासनिक हलकों में हलचल

कलेक्टर का यह पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिससे प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई है। अब यह मामला केवल कलेक्टर और एसपी के तालमेल तक सीमित नहीं रहा, बल्कि जिले की कानून-व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।

कलेक्टर का पत्र

कलेक्टर ने अपने पत्र में लिखा है कि –

“15 और 19 अगस्त की रात को 1:30 बजे मेरे बंगले का घेराव किया गया।”

“इस दौरान पेट्रोलिंग पार्टी कहां थी?”

“यह घटना पुलिस की गंभीर लापरवाही को दर्शाती है।”

“कलेक्टर बंगले के पास आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।”

आम नागरिकों की सुरक्षा

लोग कह रहे हैं कि अगर कलेक्टर जैसा जिम्मेदार अधिकारी, जो जिले का दंडाधिकारी होता है, खुद अपनी सुरक्षा को लेकर असुरक्षित महसूस करे, तो आम नागरिकों की हालत का अंदाजा लगाया जा सकता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here