धान मंडी के कर्मचारी बाहरी व्यक्तियों या कथित पत्रकार, जनप्रतिनिधि या जांच टीम के सदस्यों को क्यों बांटते है रुपए?
आखिर धान मंडी में कितने का होता है वारा न्यारा? कैसे चलता है धान मंडी का खेल…
वासु सोनी चांपा। विगत महीनों से चल रहे धान खरीदी में व्यवस्था बनाने छत्तीसगढ़ शासन सहित जिला प्रशासन द्वारा हरसंभव प्रयास किए जा रहे है। नियम सहित धान खरीदी में पारदर्शिता लाने कोशिश भी की जा रही है। वही धान खरीदी के लिए पुराने कर्मचारियों के साथ नए कर्मचारियों ने व्यवस्था सम्हाल रखी है। अब ये बात समझ से परे है कि आखिर धान मंडी के इन कर्मचारियों के पास इतनी राशि आती कहां से है जो प्रदेश के तमाम धान मंडियों में पहुंच अपने आप को कथित पत्रकार, जनप्रतिनिधि और जांच टीम के सदस्य बताकर धान मंडियों में वसूली के लिए पहुंचते है उन्हें बांटा जाता है। वही धान मंडी के कर्मचारी किस हिसाब से और क्यों उन्हें रुपए बांटते है इसकी जानकारी किसी को नहीं है और धान मंडी के कर्मचारियों के पास बांटने के लिए ये रुपए किस योजना के तहत आते है इसकी भी जानकारी किसी को नहीं है।
रोजाना कोई ना कोई पहुंच जाता है वसूली करने…
जांजगीर चांपा जिले की बात करे तो यहां लगभग सैकड़ों से भी अधिक धान मंडी है। जहां धान खरीदी का कार्य जारी है। वही उन धान मंडियों में रोजाना कोई ना कोई व्यक्ति वसूली करने पहुंच जाता है आखिर धान मंडियों में किस चीज की वसूली होती है, क्या धान मंडियों में जरूरत से ज्यादा अवैध कार्य संचालित होता है, आखिर इसकी जांच करने अधिकारी क्यों नहीं पहुंचते? जांजगीर चांपा जिले की धान मंडियों में अन्य जिलों के कथित पत्रकार भी वसूली करने पहुंचते है लेकिन किस चीज की वसूली ये समझ से परे है। आखिर ये वसूली क्यों की जाती है और धान मंडी के कर्मचारी द्वारा उन्हें रुपए का वितरण क्यों किया जाता है? रोजाना समूह बनाकर कई लोग अपने पहचान पत्र के साथ विजिटिंग कार्ड देकर धान मंडियों में समय व्यतीत करते नजर आते है।
क्या सचमुच धान मंडियों में आवश्यकता से अधिक होता है भ्रष्टाचार?
रोजाना धान मंडियों में पहुंच अपने विजिटिंग कार्ड बांटकर वसूली करने आने वाले लोगों को किस अधिकारी का संरक्षण प्राप्त है इसकी जानकारी जिले के किसी भी अधिकारी को नहीं है। आखिर धान मंडियों में किस चीज के लिए रुपए बांटे जाते है इसकी जांच उच्च स्तरीय होनी चाहिए। आखिर बाहरी व्यक्तियों को धान मंडी के कर्मचारी रुपए किस कार्य के लिए प्रदान करते है इसकी भी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए?

