वासु सोनी चांपा। एक ओर नगर में अवैध राखड़ डलने से नगर के लोगों के जीना मुहाल हो रखा है, तो दूसरी ओर नगर पालिका परिषद चांपा से स्लैग च्यूरी के लिए दी गई अनापत्ति के बाद भी कई मीट्रिक टन राखड़ डाला गया, जिसकी जानकारी नगर पालिका परिषद चांपा के कर्मचारियों को होने के बाद भी एक बार भी उक्त स्थलों पर कोई भी कर्मचारी उस अनापत्ति पत्र के एवज में जांच करने नहीं गया। अधिकारी और कर्मचारियों की गलती या भ्रष्टाचारी सहमति के चलते नगर के अंदर हजारों मीट्रिक टन राखड़ पाट दिया गया। वहीं वर्तमान में राखड़ के संबंध में जानकारी लेने नगर पालिका पहुंचने पर कर्मचारी, इंजीनियर कहते फिरते है कि सीएमओ बताएंगे, तो वहीं नए आए सीएमओ सिर्फ यही कहते फिरते है कि मुझे नहीं पता, सक्षम अधिकारी और कलेक्टर से जाकर पूछो? वहीं नगर पालिका परिषद चांपा के लेटर हेड में दिए गए अनुमति के बारे में सीएमओ रामसंजीवन सोनवानी को ही पता नहीं है। वहीं सीएमओ राम संजीवन सोनवानी ऐसे सीएमओ है जो कहते है कि जिस चीज की जानकारी आपको चाहिए वो पुरानी बात है उसके बारे में मुझे कुछ नहीं पता? आखिर पढ़े लिखे सीएमओ ऐसी बात क्यों कर रहे है? कही ऐसे प्रकरण या बातों में बड़ा भ्रष्टाचार तो है हुआ है? फिलहाल सीएमओ रामसंजीवन सोनवानी बार बार यही कहते फिर रहे है कि आपको क्यों बताए? आपको सभी बातें बताना जरूरी नहीं है, जिससे यह प्रतीत हो रहा कि नगर पालिका में और अधिक भ्रष्टाचार होकर रहेगा?

