भारतीय हाथकरघा प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईएचटी) काॅलेज चांपा में पहुंचा शिकायती पत्र… जांच के लिए बनाई गई टीम… अध्यापक (लेक्चरर) की परीविक्षा अवधि नहीं बढ़ाने लिखी गई शिकायत… काॅलेज में चिटिंग कराए जाने संबंधित लिखी बातें, भेजी रंगीन फोटो… आखिर शिकायत पत्र में कितनी सच्चाई, क्या जांच कर पाएगी टीम?

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वासु सोनी चांपा। प्रदेश का एकमात्र और देश का सातवां संस्थान इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ हैण्डलूम टेक्नोलाॅजी काॅलेज चांपा हमेशा सुर्खियों में रहता है। इसी कड़ी में एक बार फिर वर्तमान छात्र-छात्राओं ने पूर्व छात्र-छात्राओं के साथ मिलकर ग्रामोद्योग विभाग के सचिव को एक ऐसा शिकायत पत्र भेजा है जिसे देखकर काॅलेज के अधिकारी और कर्मचारियों के पैरों तले जमीन खिसक गई है। वहीं शिकायत पत्र बंद लिफाफे में पोस्ट के माध्यम से भेजा गया है। जिसे देखते हुए तत्काल प्रभाव से इसकी समीक्षा कर उचित कार्रवाई शुरू की गई। वहीं जब इस बारे में काॅलेज के प्रभारी प्राचार्य सौरभ सिंह ठाकुर से चर्चा की गई तो उन्होंने बताया कि ऐसा एक शिकायती पत्र जिले के कलेक्टर के माध्यम से प्राप्त हुआ है। जिसे संज्ञान में लेकर एक टीम गठित की गई है। जिसमें प्राचार्य सहित काॅलेज के 3 अन्य स्टाफ को रख जांच शुरू कर दिया गया है।

क्या है मामला

इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ हैण्डलूम टेक्नोलाॅजी (आईआईएचटी) काॅलेज चांपा के जागरूक वर्तमान छात्र-छात्राओं ने पूर्व छात्र-छात्राओं के साथ मिलकर एक शिकायत पत्र ग्रामोद्योग विभाग के सचिव को भेजा है। जिसमें स्पष्ट रूप से लिखा गया है कि लेक्चरर श्रीमती जयंती देवांगन (भारतीय हाथकरघा प्रौद्योगिकी संस्थान चांपा) की परीविक्षा अवधि समाप्त नहीं किए जाने एवं लगातार उनके पढ़ाये विषय का परिणाम खराब आने उनको कारण बताओ नोटिस एवं संस्थान में सामूहिक नकल कर आईआईएचटी संस्थान की छबि खराब करने के लिए उचित जांच एवं कार्यवाही किये जाने संबंधित विषय का जिक्र करते हुए 06 बिंदुओ पर शिकायत पत्र भेजा गया है।

क्या कहा आईआईएचटी कॉलेज चांपा के प्राचार्य ने…

वर्तमान व पूर्व छात्र छात्राओं के द्वारा की गई शिकायत के विषय में भारतीय हाथकरघा प्रौद्योगिकी संस्थान चांपा के प्रभारी प्राचार्य सौरभ सिंह ठाकुर ने बताया कि जिले के कलेक्टर के माध्यम से शिकायत आवेदन प्राप्त हुआ है। जिस पर आईआईएचटी काॅलेज चांपा के प्रभारी प्राचार्य सहित अन्य स्टाफ को लेकर जांच कमेटी बनाई गई है। जांच के पश्चात जो भी बातें सामने आएंगी, उसे संस्थान के उच्च अधिकारियों सहित जिले के कलेक्टर को लिखित जानकारी बनाकर भेजी जाएगी।

समय पर क्यों नहीं पहुंचते लेक्चरर?

वर्तमान व पूर्व छात्र छात्राओं के अनुसार आईआईएचटी काॅलेज चांपा के लेक्चरर कभी भी समय पर काॅलेज नहीं पहुंचते और जाने के लिए निर्धारित समय से पहले चले भी जाते है। इस बारे में जब वर्तमान प्रभारी प्राचार्य से जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि सभी अध्यापक समय पर काॅलेज पहुंचते है, तो वहीं छात्र छात्राओं ने विगत एक साल के आईआईएचटी काॅलेज परिसर में लगे कैमरे की जांच कर जानकारी लेने संबंधित बातें कही। वहीं काॅलेज प्रबंधन की ऐसी हरकतों से छात्र छात्राओं के भविष्य पर बुरा असर पड रहा है और साल दर साल छात्रों की घटती संख्या और खराब आता परिणाम इस बात की पुष्टि भी कर रहा है या यह भी कह सकते हैं कि आईआईएचटी काॅलेज प्रबंधन छात्र-छात्राओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने पर आमादा है?

छात्र-छात्राओं को चिटिंग करवाने लिखी बातें?

आईआईएचटी काॅलेज चांपा प्रबंधन के खिलाफ वर्तमान और पूर्व छात्र-छात्राओं ने मोर्चा खोल दिया है। जिसमें उन्होंने लिखा है कि कॉलेज में खुलेआम मोबाइल के माध्यम से चीटिंग भी कराई गई है, जिसकी रंगीन फोटो भी संबंधित अधिकारी को शिकायत पत्र के साथ भेजा गया है। वहीं इस विषय मेें जांच कर रहे आईआईएचटी काॅलेज चांपा के प्राचार्य ने यह भी कहा कि पत्र में प्रार्थी समस्त जागरूक छात्र-छात्राएं लिखा गया है जो जांच का विषय है कहीं किसी ने मजाक तो नहीं किया। तो वहीं जब इस बारे में पूर्व छात्र-छात्राओं से जानकारी ली गई तो उन्होंने इसे सत्य बताया।

बहरहाल भारतीय हाथकरघा प्रौद्योगिकी संस्थान चांपा के खिलाफ वर्तमान और पूर्व छात्र-छात्राओं ने मोर्चा खोल रखा है। वहीं काॅलेज प्रबंधन जांच कर अपनी साख बचाने की कोशिश करते नजर आ रहे हैं। अब देखना यह है कि वर्तमान और पूर्व छात्र-छात्राओं द्वारा ग्रामोद्योग विभाग के सचिव को दिए गए पत्र में सत्यता कितनी है? वहीं शिकायत पत्र की सत्यता मिलने पर छत्तीसगढ़ शासन के उच्च अधिकारी इस पर क्या कार्रवाई कर पाएंगे। वहीं जांच के दौरान काॅलेज में चल रहे मनमानी कार्यों का भी खुलासा होने की संभावना है?

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