वासु सोनी चांपा। नगर में कब्जे की बात करें तो मुख्य मार्ग से बड़ा उदाहरण शायद ही होगा। क्योंकि रोड के दोनों किनारे बने हुए फुटपाथ पर कब्जा कर नगर के व्यापारी अपने दुकान का संचालन कर रहे है तो वहीं नगर से रोजाना गुजरते हुए भी अधिकारी अपनी आंख मूंद कर बैठे हुए है, जिससे प्रतीत होता है कि इन्हें नगर में हो रहे कब्जों से कोई मतलब नहीं है, वहीं अगर किसी ने शिकायत भी कर दी तो भी कोई फर्क नहीं पड़ता। चांपा नगर में कब्ज होना आम बात हो गई है। किसी ने अगर शिकायत आवेदन दे भी दिया तो शिकायत का निराकरण होते तक कब्जा पूर्ण हो जाता है। वहीं अधिकारी को कोई फर्क नहीं पड़ता। नगर में रोजाना अवैध कब्जों की बाढ़ लगातार बढ़ती जा रही है। जिस पर कार्रवाई तो दूर उक्त स्थान को देखने जाने वाला भी कोई नहीं है। अगर किसी आम व्यक्ति ने शिकायत कर भी दी तो साहब को कोई फर्क नहीं पड़ता। नीचे से ऊपर तक सभी अधिकारी ये बात जानते भी हैं और समझते है, तो वहीं नगर को जनता को इस बात को अच्छे से समझना चाहिए कि कोई भी कुछ भी कर ले नगर के अधिकारियों को कोई फर्क नहीं पड़ता।

