
वासु सोनी चांपा। नगर में इन दिनों मुख्य मार्ग सहित गली के अंदर पेड़ो को काटने का सिलसिला बदस्तूर जारी है लेकिन चांपा नगर के अधिकारी कर्मचारी कथित रिश्वत और आवेदन का इंतजार करते नजर आ रहे है? इन अधिकारियों को अगर नगर से कोई सरोकार नहीं है तो उन्हें अपने पद को छोड़ घर की ओर रुख कर लेना चाहिए? अधिकारियों का कहना है कि हमे जानकारी कहां से मिलेगी और अगर जानकारी मिल भी गई तो वे आवेदन के इंतजार में बैठे रहेंगे लेकिन कोई कार्रवाई नहीं करेंगे? क्योंकि व्यवस्था के तहत सिर्फ आवेदन जरूरी है अधिकारी कर्मचारी के सामने कुछ भी हो जाए?
आपको बता दें कि कुछ दिनों पहले मुख्य मार्ग पर खुलेआम एक पीपल का पेड़ काट दिया गया। जिस पर बोलने वाला कोई नजर नहीं आया, वहीं जिले और नगर के अधिकारी कर्मचारी को जानकारी होने के बाद भी बंद कमरे के एसी सुख से बाहर नहीं आ पाए, वही दूसरी ओर स्टेशन के एक गली में खुलेआम यह कहकर काट दिया गया कि घर बनाना है कुछ ताने काट रहे है लेकिन आज उस पेड़ का अस्तित्व ही खत्म कर दिया गया।
जिससे यह प्रतीत होता है कि चांपा नगर में अधिकारी कर्मचारी के सामने कोई भी कुछ भी कर सकता है, अधिकारी कर्मचारी सिर्फ आवेदन के इंतजार में खड़े रहकर कुछ कर भी नहीं पाएंगे, शायद उन्हें शासन की ओर से आवेदन लेकर ही कार्रवाई करने अधिकार मिला हुआ है? उसके बिना वे कुछ भी नहीं कर पाएंगे।
बहरहाल चांपा नगर के भीतर बड़ी ही आसानी से पेड़ो की कटाई की जा रही है लेकिन अधिकारी कर्मचारी अपनी आरामदायक कुर्सी के मोह उठ नहीं पा रहे है? अब देखना यह है कि खोजकर या ढूंढकर कर्रवाई करते है या सिर्फ दिखावा ही मूलमंत्र बना रहेगा?

