चांपा रेलवे स्टेशन के अधिकारी और कर्मचारियों की घोर लापरवाही के चलते गई एक की जान, समय रहते नहीं ले गए अस्पताल, अस्पताल पहुंचने से पहले ही तोड़ा दम…

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वासु सोनी चांपा। एक ओर रेलवे यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा का ढोल पीटते रहते है, तो वहीं दूसरी ओर चांपा रेलवे स्टेशन में नजारा कुछ और ही होता है? चांपा रेलवे स्टेशन में रेल विभाग में काम करने वाले अधिकारी और कर्मचारियों को यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा से खिलवाड़ करते देखा जा सकता है।

आपको बता दें कि बीते गुरुवार की रात तकरीबन 10 बजे बिलासपुर से कोरबा की ओर जाने वाली लोकल ट्रेन में दौड़कर चढ़ते समय यात्री का पैर फिसल गया और ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच आने से घायल हो गया। घायल युवक को लोकल ट्रेन के जाने के बाद प्लेटफॉर्म में रखा गया। पूरी घटना संभवतः सीसीटीवी फुटेज में कैद होगी?

जीआरपी और आरपीएफ के कार्य विभाजन के संशय में चली गई व्यक्ति की जान? 

आपको बता दें कि रेलवे के कुछ हिस्सों में आरपीएफ की जवाबदेही है जबकि कुछ हिस्सों में जीआरपी की जवाबदेही है? कार्यों का विभाजन ऐसा है कि जीआरपी और आरपीएफ कर्मचारी एक दूसरे का मुंह ताकते रहते है? गुरुवार की रात हुए घटना में युवक की मौत के जिम्मेदार चांपा रेलवे स्टेशन में पदस्थ अधिकारी और कर्मचारी है? जब उनके सामने घटना हुई तो किसी भी अधिकारी कर्मचारी ने तात्कालिक सहायत देने के बजाय कागजी दस्तावेज पूरा करना अपना दायित्व समझा। जिसके चलते लगभग आधे से एक घंटे का समय बीत गया और जब युवक व्यक्ति बीडीएम अस्पताल पहुंचा तब तक उसकी मौत हो चुकी थी?

कौन था मृतक? 

रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 1 की घटना में घायल युवक के पास एक काले रंग का बैग और जेब में रुपए मिले? जिसे जीआरपी अपने पास सुरक्षित रखी हुई है। मिली जानकारी के अनुसार मृतक उमेश राठौर 22 पिता स्व विजय राठौर निवासी वार्ड 22, पथरी पारा, थाना रामपुर, जिला कोरबा छत्तीसगढ़ का था।

बिलासपुर रेलवे जोन महाप्रबंधक और डीआरएम को व्हाट्सएप से भेजी गई जानकारी

घटना की जानकारी स्थानीय पत्रकार के माध्यम से तत्काल बिलासपुर जोन के महाप्रबंधक और डीआरएम के व्हाट्सएप नंबर पर भी भेजी गई, लेकिन उस पर भी कोई तात्कालिक कार्रवाई नहीं हो सकी?

स्थानीय लोगों को भी हॉस्पिटल नहीं ले जाने दिया गया… क्या कागजी कार्रवाई के चलते गई जान?

घटना के बाद स्टेशन अंदर उपस्थित कुछ लोगों के द्वारा घायल युवक को तत्काल हॉस्पिटल ले जाने बात कही गई लेकिन जीआरपी और आरपीएफ कर्मचारियों द्वारा मना कर दिया गया और कर्मचारियों द्वारा कागजी कार्रवाई की गई तब तक तकरीबन आधा घंटा बीत चुका था, जिसके चलते घायल युवक देरी से हॉस्पिटल पहुंचा, हॉस्पिटल पहुंचने से पहले ही युवक दम तोड़ चुका था।

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