चांपा स्टेशन के स्वास्थ्य निरीक्षक और स्टेशन मास्टर रहे नदारत, गंभीर लापरवाही, यात्री की मौत पर स्टेशन में नहीं दिखे एक भी स्वच्छता कर्मचारी… कुछेक अधिकारी, आरपीएफ और जीआरपी ने पोर्टर के साथ मिलकर बोगी से बाहर निकाला शव, पहुंचाया हॉस्पिटल…

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वासु सोनी चांपा। बीती शाम मुंबई हावड़ा मेल के एस 4 कोच में एक यात्री के अचेत अवस्था में होने की जानकारी रेलवे कंट्रोल को मिलने से चांपा रेलवे स्टेशन पहुंचने पर आरपीएफ और जीआरपी के द्वारा एस 4 कोच को अटेंड किया गया। जहां आरपीएफ और जीआरपी द्वारा रेलवे के डॉक्टर को संपर्क कर बुलाया गया। डॉक्टर के पहुंचने तक मुंबई हावड़ा मेल तकरीबन आधे घंटे तक चांपा स्टेशन के खड़ी रही। वहीं डॉक्टर के द्वारा अचेत अवस्था में पड़े यात्री की जांच कर मृत होने की जानकारी दी गई, लेकिन स्वच्छता कर्मचारी के नहीं होने के कारण कुछ रेलवे के कर्मचारी, आरपीएफ और जीआरपी के द्वारा मृतक के शव को जैसे तैसे एस 4 बोगी से उतारकर नजदीकी चिकित्सालय भेजा गया। रात होने की वजह से मृतक के शव को शवगृह में रखवा दिया गया।

आपको बता दें कि बीती गुरुवार की रात एक ऐसा नजारा चांपा स्टेशन में देखने को मिला जहां बड़े बड़े दावे करने वाले अधिकारी नदारत दिखे। वही इक्का दुक्का कर्मचारी जिनकी आवश्यकता नहीं थी उनके द्वारा मानवता का परिचय दिया गया, लेकिन चांपा स्टेशन के जिम्मेदार नागरिक रिश्वत और अत्यधिक आय के चोला ओढ़कर सोते नजर आए।

मुंबई हावड़ा मेल में यात्री की मौत? 

मुंबई से हावड़ा की ओर यात्रा कर रहे यात्री सोहेल शेख ने रेलवे में सूचना भेजी कि इनके साथ यात्रा कर रहे अब्दुल रशीद अचेत अवस्था में है। जिसकी सूचना पर रेलवे के द्वारा चांपा रेलवे स्टेशन में मुंबई हावड़ा मेल के डॉक्टर भेजकर जांच कराया, वही डॉक्टर ने यात्री की मौत हो जाने की जानकारी।

आधे घंटे तक खड़ी रही मुंबई हावड़ा मेल?

यात्री की मौत की जानकारी मिलने पर चांपा रेलवे स्टेशन के आरपीएफ और जीआरपी ने मौके पर पहुंच तत्काल शव को उतरवाना चाहा लेकिन चांपा स्टेशन के जिम्मेदार अधिकारियों की गैर मौजूदगी के कारण तकरीबन आधे घंटे तक मेल चांपा स्टेशन में खड़ी रहीं। वही दूसरी ओर शव को बोगी से उतारने स्वच्छता कर्मचारी भी नदारत दिखे। जैसे तैसे पोर्टर को बुलाकर और कुछेक अधिकारी और आरपीएफ और जीआरपी द्वारा शव को नजदीकी चिकित्सालय भेजा गया।

स्वास्थ्य निरीक्षक की लापरवाही? 

चांपा स्टेशन की बात करें तो सफाई व्यवस्था तो बेहाल है ही वहीं ऐसी अचानक स्थिति में भी लापरवाही करना चांपा स्टेशन के स्वास्थ्य निरीक्षक को अच्छा लगता है? रात होते ही स्वच्छता कर्मचारी अचानक से स्टेशन से गायब हो जाते है, जिन्हें ढूंढने काफी मशक्कत करना पड़ता है, वही स्वास्थ्य निरीक्षक अपने आरामगाह में चैन की नींद सोते नजर आते है? रात होते ही चांपा स्टेशन में स्वच्छता कर्मचारी गायब हो जाते है? कभी कभार कोई दिख जाए तो अतिशयोक्ति नहीं होगी? वही सुबह से लेकर शाम तक जब तक स्वास्थ्य निरीक्षक अपने कार्यालय होते है स्वच्छता कर्मचारी इधर उधर घूमकर अपना समय व्यतीत करते नजर आते है? स्वास्थ्य निरीक्षक की लापरवाही चांपा स्टेशन के लिए काफी महंगी साबित हो सकती है? यात्रियों का मानना है कि ऐसे स्वास्थ्य निरीक्षक को काम से ही निकाल देना चाहिए?

बहरहाल ठेकेदार और स्वास्थ्य निरीक्षक के सांठ गांठ के चलते ही ऐसी लापरवाही चांपा स्टेशन में देखने और सुनने को मिलती रहती है? वहीं रेलवे के उच्च अधिकारियों के आने पर सुबह से शाम तक दिख जाए तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी? उच्च अधिकारियों के आने पर उनके पाव तले जमीन खिसक जाती है, स्वास्थ्य निरीक्षक और स्टेशन मास्टर मौके से गायब हो जाते है? ऐसे कर्मचारियों पर तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए? जिससे यात्री को लाभ मिल सके।

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