क्या जांजगीर चांपा जीएसटी विभाग की वसूली करोड़ो अरबों में? अधिकारी और कर्मचारियों के पास नहीं समय? सामाजिक कार्यकर्ता से मोबाइल में बात करते समय मीटिंग का बहाना और कार्यालय बुलाने के बाद लम्बा इंतजार… 

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वासु सोनी चांपा। जांजगीर चांपा जिला की बात करें तो एक ओर कर (टैक्स) पटाने के मामलों में अभी भी जांजगीर चांपा जिला फिसड्डी साबित है। आधे से अधिक व्यापारियों द्वारा जीएसटी नंबर ही नहीं लिया गया है। वहीं जीएसटी नंबर धारकों ने अपने व्यापारिक संस्थानों के बाहर जीएसटी नंबर लगाया ही नहीं है।

आपको बता दें कि वर्तमान समय में जिला जीएसटी विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों के पास किसी सामाजिक कार्यकर्ता से मिलने का समय ही नहीं बचा है। सूचना के अधिकार के जवाब भी कुछ ऐसा मिलता है। जिसकी जानकारी विभाग के अधिकारी कर्मचारी दे नहीं पा रहे है। मोबाइल पर भी संपर्क करने पर मीटिंग और वीसी का बहाना बनाकर कार्यालय बुलाया जा रहा है। तो दूसरी ओर कार्यालय पहुंचने पर अधिकारी और कर्मचारी जीएसटी की वसूली दस्तावेज तैयार करने में ऐसे लगे हुए है जैसे प्रतीत होता है कि जांजगीर चांपा जिले से करोड़ो अरबों का जीएसटी वसूली प्राप्त हो रहा हो?

सूचना के अधिकार में बताया निजी गोपनीयता और बौद्धिक संपदा…

सामाजिक कार्यकर्ता ने अपने सूचना के अधिकार के तहत जिले में कर धारकों की सूची मांगी थी। जिसके जवाब में जीएसटी विभाग जांजगीर चांपा के सूचना अधिकारी ने बताया कि बौद्धिक संपदा, निजी गोपनीयता और प्रतियोगी भाव को देखते हुए जिले के कर धारकों की सूची प्रदान नहीं की जा सकती। लेकिन सूचना के अधिकार की धाराओं के तहत आधी अधूरी जानकारी सूचना के अधिकार के तहत प्रदान की गई। वहीं जानकारी से असंतुष्ट होने पर प्रथम अपील लगाने की बात कही गई है।

मोबाइल लगाने पर क्या कहा जनसूचना अधिकारी ने…

सामाजिक कार्यकर्ता के द्वारा सूचना के अधिकार जवाब की कुछ जानकारी के लिए जनसूचना अधिकारी को मोबाइल से कॉल किया तब जीएसटी विभाग के जन सूचना अधिकारी ने उन्हें मीटिंग में व्यस्त होने का हवाला देकर कार्यालय बुलाया। साथ ही यह भी कहा कि फोन पर सारी बातें नहीं की जा सकती।

कार्यालय में कराया सामाजिक कार्यकर्ता को इंतजार….

जिले के जीएसटी विभाग के अधिकारी और कर्मचारी जीएसटी की चोरी पकड़ने और वसूली कार्यों में इतनी गंभीरता से लगे हुए है, जिससे यही प्रतीत हो रहा हो मानो व्यापारिक संस्थानों या व्यापारियों से करोड़ो अरबों की वसूली और टैक्स चोरी की कार्रवाई कर रहे हो? जिसकी वजह से कार्यालय आने वाले सामाजिक कार्यकर्ता से मिलने समय की कमी हो जा रही है?

बहरहाल जांजगीर चांपा जिले में व्यापारिक संस्था और व्यापारियों द्वारा जीएसटी चोरी की जानकारियां लगातार मिल रही है? लेकिन इसकी जांच करने कौन से ईमानदार अधिकारी कर्मचारी जिले में जाते है इसकी भी जानकारी किसी को नहीं है। केंद्रीय टीम द्वारा जांच करने पर पता चले कि वर्तमान समय में जीएसटी की चोरी छुपे रूप से की जा रही है? अब देखना यह है कि जिले के जीएसटी विभाग इस ओर ध्यान दे पाते है या यह मामला भी ठंडे बस्ते में चला जाएगा?

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