वासु सोनी चांपा। नगर और जिले में दीपावली पर्व को लेकर पटाखों का बाजार सज चुका है लेकिन अब उन दुकानों की जांच और अवैध पटाखों की जांच के लिए शायद देश के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को आना पड़ सकता है? बीते 25 दिनों से जिले और नगर के अवैध पटाखों की जानकारी रखने वाले, पटाखा बाजार लगवाने वाले और अवैध पटाखों की जांच करने वाले अधिकारी और कर्मचारी कुम्भकर्णीय नींद में चले गए है? जिले और नगर के अधिकारी और कर्मचारी पटाखा दुकान और अवैध पटाखों की जांच कर पाने रुचि नहीं ले रहे? आखिर नगर के जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारी नगर को बर्बाद करने साजिश रचते नजर आ रहे है?
5 विभागों का एनओसी कितने दुकान को मिला?
नगर और जिले में लगने वाले पटाखा दुकानों के लिए कितने विभागों की एनओसी लगनी चाहिए, इस पर भी अधिकारी कर्मचारी मौन धारण किया हुए है। किस अधिकारी के द्वारा एनओसी जारी किया गया है क्या उनके द्वारा पटाखों या पटाखा दुकानों से संबंधित कोई जांच की गई, उसकी जियो टैगिंग के साथ फोटो सार्वजनिक क्यों नहीं की जा रही है? प्रतीत होता है कि यह सब आख़िरी हद तक भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने किया जा रहा है?
आखिर क्या चाह रहे जिले और नगर के अधिकारी कर्मचारी?
लगभग 25 दिन पहले से दिवाली पर बिक्री योग्य पटाखों की जानकारी के लिए चांपा नगर के जिम्मेदार अधिकारियों से जानकारी चाही गई थे लेकिन उनके द्वारा जनहित के लिए उचित जानकारी प्रदान नहीं की जा रही है। अनुविभागीय अधिकारी राजस्व कार्यालय चांपा के अधिकारी शशि चौधरी से जब विस्फोटक अधिनियम के बारे में जानकारी चाही गई तो उन्होंने अपने मातहत कर्मचारी कमल कश्यप से बात करने कही तब कमल कश्यप के द्वारा ऑनलाइन विस्फोटक अधिनियम पढ़ने की बात कही गई लेकिन उनके पास क्या जानकारी है उन्होंने नहीं बताया और पुनः एसडीएम चांपा से नियम पूछने की बात कही? जिससे प्रतीत होता है कि एसडीएम चांपा के कर्मचारी ही एसडीएम चांपा की नहीं सुन रहे तो अन्य लोगों की बात ही अलग है?
बहरहाल अब पटाखों से संबंधित जानकारी और मामलों के लिए संभवतः देश के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को स्वयं ही आना पड़ सकता है तभी अवैध पटाखों की जांच और अन्य मामलों में जांच हो पाएगी ऐसा प्रतीत हो रहा है?



