वासु सोनी चांपा। भ्रष्टाचार और रिश्वत का खुला खेल देखना हो तो भालेराव में लगे पटाखा दुकानों को देखकर लगाया जा सकता है? कई विभागों को अनुमति नहीं होने के बाद भी बिना नियमों के पटाखा दुकान खोल लिया गया? जिसकी जानकारी सोशल मीडिया और समाचार पत्र में आने के बाद भी जिले और नगर के अधिकारी कर्मचारी द्वारा इतनी खुली छूट देना नगर को बर्बाद करने की ओर इशारा है?
एसडीएम चांपा शशि चौधरी ने क्या कहा?
जब इस संबंध में एसडीएम शशि चौधरी से मोबाइल के माध्यम से बात की गई तो उन्होंने बताया हमारे कार्यालय से सिर्फ पटाखों के लिए अनुमति दिया गया है। अन्य चीजों के बारे में नगर पालिका से संपर्क कर लीजिए, वे ही बता पाएंगे? साथ ही अधिकारी कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है जांच करने के लिए, पहले दुकान तो लग जाने दीजिए? बाकी मोबाइल पर नहीं बता सकता आप कार्यालय आ जाइए?
चांपा नगर पालिका इंजीनियर योगेश राठौर ने क्या कहा?
जब अनुमति के मामले में सीएमओ शीतल चंद्राकर के नंबर पर संपर्क किया गया तब उन्होंने फोन नहीं उठाया। वही जब इस बारे में राजस्व विभाग के प्रभारी चैतराम डिंडोर से संपर्क किया गया तब उन्होंने भी फोन उठाना मुनासिब नहीं समझा। अंत में नगर पालिका चांपा के इंजीनियर योगेश राठौर से अनुमति संबंधित जानकारी पूछने पर उन्होंने बताया कि एसडीएम अनुमति देते है, लेकिन दोनों जगहों का मतांतर सोचने लायक है? वही नगर पालिक में 06 नवंबर 2026 को सीएमओ कौन है पूछने पर भी जवाब इंजीनियर योगेश राठौर नहीं बता पाए। वही 04 नवंबर 2026 को सीएमओ शीतल चंद्राकर के रिलीव होने की भी बात कही। लेकिन 05 नवंबर 2026 को सीएमओ कौन है ये नहीं बता पाए?
बहरहाल जिले के कलेक्टर भी इस मामले में कोई संज्ञान नहीं ले पा रहे है? भालेराव मैदान के अवैध पटाखों के साथ अवैध दुकान भी खुल चुके है? जिसकी पटाखों के नियम संबंधित जानकारी भी भालेराव मैदान में कही सार्वजनिक नहीं की गई है? अब देखना यह है कि संबंधित अधिकारी कर्मचारी कार्रवाई कर पाएंगे या नहीं?



