समाज कल्याण पर चंद्र का ग्रहण और अंगद का पाव साथ-साथ…आखिर क्या रंग दिखाएगा…

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वासु सोनी (तीर कमान)। समाज का कल्याण हो या ना हो…अपना कल्याण जरूरी है…वो भी खाता पीता वाले विभाग का…जी हां अब ये नया सुन लिया साहब पैसे वाले विभाग से संबंध रखते है किसी ने शाम को कह डाला कि साहब के यहां शादी तो देखने लायक थी…लाखों का वारा न्यारा भी हुआ था भगवान जाने दीवाली में चंद्र को ग्रहण क्यों लग जाता है…अब खाता पीता विभाग जो देख रहे हैं…कहते है जिस पर प्रभु मेहरबान है उस चंद्र पर किसी ग्रहण का प्रभाव नहीं रहता…अब बिलासपुर संभाग है समाज का कल्याण भी करना है…चलो छोड़ो दीवाली तक तो देखना बनता है…छपने छापने वाले ने भी ठान लिया है…वैसे भी खाली जेब और खाली दिमाग कुछ तो धमाका होगा…और तो और चंद्र ग्रहण के साथ अंगद का पाव भी जुड़ा हुआ है…कई सालों से खाता पीता विभाग में जमा हुआ है…कौन क्या कर सकता है…ऊपर वाले का आशीर्वाद जो है कई ग्रहण निपटा चुका है अपना चंद्र…

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