शिकायत हो या समाचार कोई फर्क नहीं पड़ता…
वासु सोनी चांपा। जी हां भ्रष्टाचार को सीमा पैदा होने से लेकर मरने तक लगातार जारी है, तो फिर शिकायत हो या समाचार जिले और नगर के अधिकारी हैं हम कोई फर्क नहीं पड़ता? नगर पंचायत बम्हनीडीह के परिसर में संचालित चॉइस सेंटर संचालक की मनमानी और भ्रष्टाचार कम क्या कभी खत्म नहीं हो सकती। जिले सहित केंद्र के अधिकारियों से सांठ गांठ की लंबी फेहरिस्त नजर आ रही है। जांच तो दूर सुनने देखने तक का समय जिले और नगर के अधिकारियों के पास शायद हो क्योंकि कोई भी फर्क नहीं पड़ता? कितनी भी शिकायत हो या समाचार छप जाए अधिकारी तो अधिकारी ठहरे तमाम हथकंडे अपनाकर अपनी कलम बचाने की तरकीब सभी के पास है इसीलिए तो कहा जाता है कि कोई फर्क नहीं पड़ता? जनता नगर की हो या देश की सिर्फ औपचारिकता ही निभाई जाएगी, क्योंकि कोई फर्क नहीं पड़ता? कुछ समय बाद लोग भूल जाते है लेकिन काम करने के लिए लोग नहीं मिल पाते, इसलिए शिकायत हो या समाचार कोई फर्क नहीं पड़ता? अधिकारियों को जानकारी होने के बाद भी कार्रवाई हुई या नहीं ये तो पता नहीं क्योंकि कोई फर्क नहीं पड़ता?

