वासु सोनी चांपा। देश में लगातार शिक्षा व्यवस्था को लेकर शासन प्रशासन हमेशा पहल करते नजर आते है तो वहीं जांजगीर चांपा जिले के बिर्रा में स्थित शासकीय नवीन महाविद्यालय में आने जाने के समय को लेकर विद्यार्थियों में आक्रोश व्याप्त है। वहीं शिक्षा के स्तर में भी कमी देखी जा रही है। शासकीय नवीन महाविद्यालय बिर्रा, जिला जांजगीर चांपा में प्राध्यापकों सहित कार्यालयीन कर्मचारियों के आने जाने सम्बन्धित सूचनाएं मिलती रहती है। जहां विद्यार्थी समय पर महाविद्यालय पहुंचते हैं तो वहीं प्राध्यापक समय पर नहीं पहुंचकर शिक्षा के स्तर को बिगाड़ने तुले हुए है।
सूत्रों ने बताया कि कॉलेज में प्राचार्य से लेकर प्राध्यापक तक कोई भी समय का ध्यान नहीं रखता। जिसके चलते विद्यार्थियों के पढ़ाई में व्यवधान उत्पन्न हो रहा है। बेसमय कॉलेज आने के कारण समय पर पढ़ाई पूरी भी नहीं हो पा रही है। जिले में शिक्षा जगत के उच्च अधिकारियों को इस विषय की जांच कर उचित कार्रवाई की जानी चाहिए। जिससे विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ ना की जा सके।
महाविद्यालय के कितने अधिकारी कर्मचारी रहते है मुख्यालय में?
क्या आज तक शिक्षा विभाग या उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने शासकीय महाविद्यालय में कार्य करने वाले अधिकारी कर्मचारियों के मुख्यालय में रहने सम्बन्धित जानकारी ली है? ऐसे तमाम सवाल है जो शिक्षा के स्तर को लेकर किए जाते है तो वहीं शासकीय सेवक अपनी मनमर्जी से अपने समय पर आना जाना करते है। शासकीय नवीन महाविद्यालय बिर्रा का भी हाल कुछ इसी तरह बताया जा रहा है। क्या उच्च शिक्षा विभाग में भ्रष्ट अधिकारियों की वजह से ऐसा हो रहा हैं? कही छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ की योजना तो नहीं बनाई जा रही है? आखिर कॉलेज के अधिकारी कर्मचारी मुख्यालय में निवास क्यों नहीं करते?
फिलहाल देखना यह रह जाता है कि शिक्षा विभाग या उच्च शिक्षा विभाग इस विषय पर संज्ञान ले पाता है या यह मामला भी सफेद हाथी साबित होगा। क्या कॉलेज के अधिकारी कर्मचारी के मुख्यालय निवास को लेकर जांच की जाएगी? क्या पूरे जिले में यही सिस्टम लागू है? आखिर इसकी जांच करने कोई ईमानदार अधिकारी आगे आयेगा?

