
चांपा,
नगर के रेलवे स्टेशन के पास बना वाय ओवरब्रिज मौत का ब्लैक स्पाॅट बनता जा रहा है। लेकिन जिले के अधिकारियों की कुंभकर्णीय नींद से किसी ना किसी आमजन की जान जरूर जा सकती है। जिले को सुरक्षित रखने का दावा करने वाले अधिकारियों की पोल इसी से खुल जाती है कि चांपा का सुप्रसिद्ध वाय ओवरब्रिज अपने काले धब्बे को लेकर चर्चाओं में है।

वहीं पुलिस अधिकारी एसडीओपी यदुमणी सिदार ने स्वयं ही इसको देखा और समझा। साथ ही एनएच के संबंधित अधिकारी से चर्चा कर इसका निराकरण करने कहा। जिस पर एनएच के अधिकारी ने 10 दिनों के अंदर मरम्मत करने की बात कही। एनएच के अधिकारी ने यह भी बताया कि जिस ठेकेदार ने काम शुरू किया था उसके काम छोड़ देने के बाद दूसरे ठेकेदार को टेंडर दिया गया है। जल्द ही मरम्मत और अन्य कार्य हो जाने की बातें भी कही गई लेकिन 10 दिन बीत जाने के बाद भी कोई रास्ता नहीं निकल पाया।

वहीं अधिकारियों की आपसी लड़ाई से वाय ओवरब्रिज का मामला उलझता ही जा रहा है। ना ही वाय ओवरब्रिज में लाइट की व्यवस्था है और ना मरम्मत हो पा रही है। जिसे लेकर अधिकारी सिर्फ हामी भरते नजर आते है। इसके लिए शायद भगवान को ही आकर काम दुरूस्त करवाना पड़ेगा ऐसा प्रतीत होता है। कलयुग में इन जैसे अधिकारी ही है जो आम जनता के जान के दुश्मन बने बैठे हो। फिलहाल 10 दिन बीत जाने के बाद भी कोई उपाय नहीं निकल पाया है। अब देखना यह है कि इस वाय ओवरब्रिज से और कितनी जान जा सकती है, जिसका इंजतार अधिकारियों को है?



