गणतंत्र दिवस: कर्तव्यपथ पर दिखेगी महाकुंभ की झांकी, कूनो नेशलन पार्क के चीतें और नालंदा विश्वविधालय, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी समेत इन 26 झांकियों को किया गया शामिल

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26 जनवरी को नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस परेड झांकी में 15 राज्यों की झांकी में UP के ‘महाकुंभ’ की झांकी नजर आएगी. महाकुंभ के ऐतिहासिक महत्व और सांस्कृतिक धरोहर को दर्शाएगी. झांकी में समुद्र मंथन की पौराणिक कथा के चित्रण के साथ साधना करते साधु-संतों के दृश्य और संगम में डुबकी लगाते श्रद्धालु नजर देखने को मिलेगी. इसके अलावा कर्तव्य पथ पर मध्य प्रदेश की झांकी में कूनो नेशनल पार्क और भारत में जन्में चीतों की झांकी निकाली जाएगी.

झांकी के सामने ट्रेक्टर के आगे ‘अमृत कलश’ की भव्य प्रतिकृति दिखाई जाएगी, जिससे अमृतधारा प्रवाहित हो रही होगी. झांकी में शंखनाद, आचमन और साधना करते साधु-संतों के छवि और संगम में डुबकी लगाते श्रद्धालु महाकुंभ की आध्यात्मिक ऊर्जा को जीवंत करेंगे. झांकी के पैनल पर अखाड़ों और श्रद्धालुओं को म्यूरल और एलईडी स्क्रीन के माध्यम से दिखाया जाएगा, जो शाही स्नान के लिए जाते हैं. एलईडी स्क्रीन के माध्यम से महाकुंभ के पर्व स्नान के जुलूस को भी प्रसारित किया जाएगा.

महाकुंभ के अलावा गणतंत्र दिवस की झांकी में कर्तव्यपथ पर इस साल मध्य प्रदेश की झांकी कूनो नेशनल पार्क और चीतों की पुर्नस्थाना पर केंद्रित होगी. इसमें कूनो की प्राकृतिक खूबसूरती और भारत में जन्मे चीतों की झलक दिखलाई जाएगी. राज्य की झांकी को लगातार दूसरी बार गणतंत्र दिवस समारोह के लिए चुना गया है. मध्य प्रदेश की झांकी का विषय ‘चीता-भारत का गौरव’ है.

बिहार की झांकी में नालंदा की विरासत

इस बिहार की झांकी भी देखने को मिलेगी. आठ साल बाद बिहार की झांकी को गणतंत्र दिवस की परेड में शामिल होने का मौका मिलेगा. बिहार की इस झांकी में ज्ञानभूमि नालंदा की प्राचीन विरासत एवं उसके संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों के साथ ही नालंदा विश्वविद्यालय की स्थापना के माध्यम से बिहार को पुन: शिक्षा के मानचित्र पर वैश्विक रूप में स्थापित करने के प्रयास को दर्शाया गया है.

गुजरात की स्टैच्यू ऑफ यूनिटी

गुजरात की झांकी के अगले हिस्से में सोलंकी काल में निर्मित वडनगर स्थित 12वीं सदी का गुजरात का सांस्कृतिक प्रवेश द्वार कहा जाने वाला ‘कीर्ति तोरण’ है, तो अंत में 21वीं सदी की शान, 182 मीटर ऊंची सरदार पटेल की प्रतिमा ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ को दर्शाया गया है, जो दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा है.

गणतंत्र दिवस झांकी में पशुपालन और डेयरी विभाग, ग्रामीण विकास मंत्रालय की मनमोहक झांकिया प्रस्तुत करेगी, राज्यों बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और जम्मू कश्मीर की खूबसूरत झांकिया कर्तव्य पथ पर लोगों की आर्कर्षित करते नजर आएंगे.

इसके अलावा उत्तराखंड और जम्मू और कश्मीर की झांकी में खूबसूरत कलाकार भी लोगों को मोहित करते नजर आएंगे. झांकी में गोवा की सूबा अपने खूबसूरत पर्यटक स्थलों के चित्रण भी दिखेगा. इस साल गणतंत्र दिवस परेड में भारतीय मौसम विज्ञान विभाग यानी कि IMD की झांकी भी पहली बार भाग ले रही है.

जम्मू और कश्मीर की झांकी और इसके कलाकारों की एक और तस्वीर। 26 जनवरी को कर्तव्य पथ पर ये झांकी कई लोगों की फेवरिट होने वाली है।

गणतंत्र दिवस परेड 2025’ में पश्चिम बंगाल की झांकी भी देखने को मिलेगी। इस खूबसूरत झांकी को भी निश्चित तौर पर ढेर सारी प्रशंसा मिलने वाली है।

पहली बार पशुपालन और डेयरी विभाग की झांकी भी लोगों का ध्यान खींचने में जरूर सफल रहेगी. हम सभी इस झांकी को पूरी शान से चलते हुए 26 जनवरी को देख पाएंगे.

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