झारखंड कैडर के आईएएस अधिकारी राजीव रंजन का बेटा एक नहीं 3 बार जन्मा है। अरे रुकिए… ये हम नहीं आईएएस साहब के बेटे का बर्थ सर्टिफिकेट कह रहा है। हालात यह हो गया है कि बर्थ सर्टिफिकेट ने ऐसा रायता फैलाया कि अबतक जिन्हें सिर्फ उनके डिपार्टमेंट का स्टाफ जानता था, आज झारखंड के लिए सेलिब्रेटिज हो गए हैं। इतना ही नहीं, बेटे के तीन बर्थ सर्टिफिकेट बनने के बाद लाइमलाइट में आए झारखंड के आईएएस अधिकारी राजीव रंजन का मामला सियासी गलियों में भी गरमा गया है।
दरअसल आईएएस अधिकारी राजीव रंजन के बेटे के नाम पर एक-दो नहीं बल्कि तीन-तीन जन्म प्रमाण पत्र जारी हुए हैं। इस पूरे मामले पर बीजेपी ने हंगामा खड़ा कर दिया है। सत्ताधारी झामुमो पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। बीजेपी की ओर से इस मुद्दे पर लगातार राज्य सरकार को घेरा जा रहा है।
हालांकि बाद में झारखंड सरकार के योजना एवं विकास विभाग (अर्थ एवं सांख्यिकी निदेशालय) ने एक प्रेस नोट जारी कर यह बताया है कि राजीव रंजन के पुत्र के एक से अधिक जन्म प्रमाण पत्र होने की बात सामने आने के बाद जन्म-मृत्यु निबंध के आधिकारिक वेबसाइट पोर्टल पर उनके पुत्र का एक ही वैध जन्म प्रमाण पत्र अंकित है, अन्य को निरस्त किया जा चुका है इससे साफ है कि झारखंड सरकार ने भी माना है कि आईएएस अधिकारी राजीव रंजन के बेटे के एक से अधिक जन्म प्रमाण पत्र बने थे।
2010 बैच के आईएएस अधिकारी
राजीव रंजन भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के 2010 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। झारखंड कैडर के आईएएस अधिकारी हैं। वर्तमान में स्पेशल सेक्रेट्री एंड डायरेक्टर, डिपार्टमेंट ऑफ़ प्लानिंग एंड डेवलपमेंट झारखंड सरकार के पद पर कार्यरत हैं। इससे पहले वह झारखंड स्टेट एड्स कंट्रोल सोसाइटी के डायरेक्टर के पोस्ट पर भी रह चुके हैं।
विवादों से रहा है नाता
आईएएस अधिकारी राजीव रंजन कोई पहली बार विवादों में नहीं घिरे हैं। इससे पहले झारखंड राज्य एड्स कंट्रोल सोसाइटी के परियोजना निदेशक के पद पर रहते हुए उनके विरुद्ध अनियमितता के आरोप लगे थे। उसी वक्त शिकायत मिलने के बाद तत्कालीन मुख्य सचिव सुखदेव सिंह के निर्देश पर स्वास्थ्य सचिव केके सोन ने मामले की जांच के लिए दो सदस्यीय विभागीय समिति का भी गठन किया था।



