
चांपा। किसी की जान की कीमत कीतनी लगाई जानी चाहिए ये सिर्फ प्लांट प्रबंधन अच्छे से जानता है? नगर में चल रहे प्लांटों मेंआए दिन किसी ना किसी मजदूर की मशीनों के चपेट में आने से मौत हो जाती है। बावजूद प्लांट प्रबंधन समझौता कर परिजनों को राशि थमाकर मामले को शांत कर देते हैं। घटना चांपा नगर से लगे ग्राम महुदा क्षेत्र में आने वाले शांति जीडी इस्पात एवं पावर प्राइवेट लिमिटेड का है। प्लांट के संचालक का नाम प्रकाश अग्रवाल बताया जा रहा है।
आपको बता दें कि सुबह करीबन 6 बजे भुवन बरेठ जो ग्राम फरसवानी का निवासी है। शांति जीडी इस्पात एवं पावर प्राइवेट लिमिटेड में काम करता है। जिसे प्लांट द्वारा निर्धारित राशि का भुगतान किया जाता है। रोज की तरह बुधवार की सुबह वह प्लांट पहुंचा जहां कन्वेयर बेल्ट के पास उसकी ड्यूटी लगाई गई। अचानक कुछ समय बाद कन्वेयर बेल्ट में फंसने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई।घटना की जानकारी मिलते ही परिजन सहित आसपास के लोग प्लांट पहुंचे। जहां मृतक के परिजनों द्वारा मुआवजे और नौकरी की मांग प्लांट प्रबंधन के पास रखी गई। कुछ समय बाद प्लांट प्रबंधन द्वारा लगभग 2 लाख तत्काल सहायता और 30 लाख मृतक के परिजनों को देने की बात कह समझौता कराया गया। पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों द्वारा समझौता कराकर मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।

घटना के बाद कानून व्यवस्था बनाने प्रशासन और पुलिस की चाक चौबंद व्यवस्था…
घटना की जानकारी शहर में आग की तरह फेलते ही प्रशासन और पुलिस द्वारा कानून व्यवस्था बनाने शांति जीडी इस्पात एवं पावर प्राइवेट लिमिटेड प्लांट पहुंचे। जहां प्लांट के गेट में बैठ पुलिस किसी भी व्यक्ति को प्लांट के अंदर जाने से रोक रही थी। वहीं खबर बनाने पहुंचे पत्रकारों को भी प्लांट गेट के अंदर नहीं जाने दिया गया। पुलिस और प्रशासन ऐसे मामलों में प्लांट प्रबंधन और अपने आप को बचाते नजर आती है। प्लांट में घटने वाले ऐसे घटना क्रम में पुलिस द्वारा प्लांट प्रबंधन को पूरी तरीके से सुरक्षा मुहैया कराया जाता है, साथ ही मीडिया या पत्रकारों को प्लांट के अंदर प्रवेश करने से मना करने प्रशासन और पुलिस पुरी तैयारी रखती है।

प्लांट में नहीं सुरक्षा के इंतजाम…
घटना के बाद परिजन सहित आसपास के ग्रामीणों ने बताया कि प्लांट प्रबंधन के पास सुरक्षा के कोई भी साधन पर्याप्त नहीं है। जिसके चलते ऐसी घटना होती रहती है लेकिन प्रशासन और पुलिस प्लांट प्रबंधन का पक्ष लेकर घटना को दबाने की कोशिश करती रहती है। शांति जीडी इस्पात एवं पावर प्राइवेट लिमिटेड का यह कोई पहला मामला नहीं है। ग्रामीणों ने बताया कि पहले भी प्लांट के अंदर घटना हो चुकी है लेकिन आपसी सांठगांठ कर घटना को दबा दिया जाता है।

मृतक बालिक या नाबालिक?
घटना में यह संशय की स्थिति निर्मित हो रही है कि प्लांट के कन्वेयर बेल्ट में फंसकर जिस लड़के की मौत हुई है वह बालिक है या नाबालिक? आसपास के नागरिकों ने बताया कि मृतक भुवन बरेठ के आधार कार्ड के अनुसार उसकी उम्र लगभग 17 वर्ष बताई जा रही है लेकिन प्लांट प्रबंधन के अनुसार मृतक की उम्र लगभग 20 वर्ष बताई जा रही है।
अब देखना यह है कि प्रशासनिक अमला पावर प्लांट की सुरक्षा करता है या कार्रवाई? साथ ही प्लांट खोलने आवश्यक दिशा निर्देश के अनुसार प्लांट का संचालन किया जा रहा है या फिर अवैध तरीके से संचालन किया जा रहा है। प्रशासन और पुलिस इस मामले को कितनी गंभीरता से लेती है यह देखने वाली बात होगी। क्या प्लांट प्रबंधन पर कार्रवाई होगी या ऐसे ही मजदूरों की जान से खिलवाड़ होता रहेगा?


