
जांजगीर-चांपा। जिले में एक बार फिर संगठित अपराधियों ने पुलिस को खुली चुनौती दे डाली है। बम्हनीडीह थाना क्षेत्र अंतर्गत पूछेली गांव के आसपास दिन में दिनदहाड़े 11 लाख 80 हजार रुपये और एक लैपटॉप की उठाईगिरी की वारदात सामने आई है। घटना उस वक्त हुई जब पीड़ित गिरीश देवांगन रकम लेकर बैंक में जमा करने जा रहे थे।प्राप्त जानकारी के अनुसार, दोपहर करीब 1 बजे तीन अज्ञात युवकों ने रास्ता रोककर वारदात को अंजाम दिया। आरोपियों ने पीड़ित से नकदी और लैपटॉप लूट लिया और फरार हो गए।
हालांकि घटना 1 बजे की है, लेकिन एफआईआर दर्ज कराने में चार घंटे की देरी ने मामले को संदेह के घेरे में ला खड़ा किया है। रिपोर्ट शाम 5 बजे दर्ज कराई गई, जिसके बाद पुलिस हरकत में आई और इलाके में नाकेबंदी कर आरोपियों की तलाश शुरू की गई।
स्थानीय स्तर पर सवाल उठ रहे हैं कि
👉 इतनी बड़ी रकम की लूट के बाद भी चार घंटे तक पुलिस को सूचना क्यों नहीं दी गई?
👉 क्या प्रार्थी किसी दबाव में था या पहले किसी से सलाह-मशविरा कर रहा था?
👉 या फिर लुटेरों को इस रकम की जानकारी पहले से कैसे थी?
इस घटना ने 78 लाख की शराब भट्टी लूट की याद ताजा कर दी है, जिसे अब तक पुलिस सुलझा नहीं पाई है। इतना ही नहीं, कोतवाली क्षेत्र में आधा दर्जन से अधिक लूट और उठाईगिरी के मामले आज भी लंबित हैं, जिनका कोई सुराग नहीं मिला।
अब पुलिस के सामने चुनौती दोहरी हो गई है —एक तरफ आरोपियों को जल्द पकड़ना, दूसरी तरफ जनता में खोया भरोसा फिर से बहाल करना फिलहाल पुलिस जांच में जुटी है, लेकिन असली सवाल यही है क्या ये वारदात भी बाकी अनसुलझे मामलों की तरह फाइलों में दबी रह जाएगी? या फिर इस बार होगा कुछ ठोस खुलासा?


