नगर पालिका चांपा में भ्रष्टाचार का खेल ऐसा कि सीएमओ को भी कहना पड़ गया…कलेक्टर से पूछो…मैं क्यों बताऊँ…मैं नहीं जानता…सीएमओ के कमरे में क्यों नहीं लगा है कैमरा? इसलिए तो नहीं कि कलेक्टर तक बाते ना पहुंच जाए?

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वासु सोनी चांपा। नगर पालिका परिषद चांपा के लोक निर्माण विभाग शाखा में निविदा की प्रक्रिया जारी होती है लेकिन निविदा की प्रक्रिया में भ्रष्टाचार का खेल बदस्तूर जारी है। इसकी जानकारी लेने के लिए आम जनता को भी निविदा कक्ष में अनुमति देनी चाहिए, लेकिन निविदा से सम्बन्धित शर्तों को दरकिनार कर कैसे अधिकारी अपनी मर्जी चला रहे है, इसकी जानकारी जिले के कलेक्टर सहित संबंधित अधिकारियों को भी है, शायद इसलिए नगर पालिका परिषद चांपा सीएमओ को भी कहना पड़ गया जाकर कलेक्टर से पूछो…सीएमओ की बातों से आभास होता है कि नगर पालिका चांपा के भ्रष्टाचार में कहीं उनका भी कोई आंकड़ा फिट तो नहीं?

निविदा की प्रक्रिया में भ्रष्टाचार के लिए नगर पालिका परिषद चांपा को अवॉर्ड भी दे देना चाहिए क्योंकि निविदा के प्रक्रिया के बारे में नगर पालिक परिषद चांपा के सीएमओ राम संजीवन सोनवानी कुछ भी जानकारी नहीं रखते… साथ ही पत्रकार को स्पष्ट कहते फिरते है कि क्या सभी लेटर खोल के तुम्हे बताते रहूं? जिससे साफ जाहिर है कि नगर पालिका परिषद चांपा में सभी अधिकारी कर्मचारी खेल खेलने में माहिर है। चुनाव के समय भी अध्यक्ष के कमरे का रिनोवेशन बिना निविदा निकाले करा दिया गया था। जिसकी जानकारी मांगने पर अधिकारी सिर्फ रहने दो ना क्या करोगे कहते फिर रहे थे लेकिन जानकारी देना मुनासिब नहीं समझे? नगर पालिका परिषद चांपा में भ्रष्टाचार की जानकारी के लिए हमेशा आरटीआई से लेने की बात कहते है तो वहीं जानकारी मांगने पर 30 वे दिन ही नगर पालिक की ओर से आवेदन के जवाब जारी किया जाता है। वहीं कई बार अधिकारियों द्वारा दस्तावेज या फाइल देखने नगर पालिका परिषद चांपा के लोक निर्माण शाखा में पदस्थ बाबू जवाहर लाल पटेल के पास भेजा जाता है, जो दस्तावेज दिखाने बात तो ऐसे करते है कि आम जनता ने उनसे शासकीय दस्तावेज नहीं बल्कि उनकी सम्पत्ति का दस्तावेज मांग लिया हो। अगर उचित जांच हो तो उनके अवैध संपत्ति का भी आसानी से खुलासा किया जा सकता है।

बहरहाल नगर पालिका परिषद चांपा में निविदा के खेल में सीएमओ सहित सभी अधिकारी कुछ भी बताने बचते नजर आ रहे है, संभवतः निविदा में वे किसी अपने चहेते को निविदा देने के लिए ऐसी हरकते कर रहे हो ऐसी बातें नगर में चर्चा का माहौल निर्मित कर चुका है। क्योंकि इससे पहले भी हनुमान धारा में सौंदर्यीकरण के लिए लगभग 9 करोड़ का ठेका हुआ है। जिसकी जानकारी भी आरटीआई के तहत मांगी गई है लेकिन उसके दस्तावेज भी कलेक्टर के पास होने का आवेदन दिया गया है। अब देखना यह है कि निविदा के खेल में नगर पालिका परिषद चांपा से कितना भ्रष्टाचार खुलकर सामने आता है।

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