केन्द्रीय स्वर्णकार समाज का महाधिवेशन चांपा में

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चांपा। कोसा, कांसा और कंचन की नगरी चांपा में छत्तीसगढ़ अंचल में फैले समाज के लोगों को मुख्य धारा में लाने एवं चौदह वर्ष के अंतराल के पश्चात् राजा साहेब से अनुमोदन के बाद एक चुनाव संचालन समिति का गठन कर और केन्द्रीय अध्यक्ष, सचिव, पदाधिकारियों एवं मंडल अध्यक्षों को विश्वास में लेकर एक दिवसीय महासभा के आयोजन की रुपरेखा गत दिनों बनाया ।

गहन चिंतन मनन और की दौर की बातचीत के बाद राजा मुरारीलाल सोनी व राजा माखन सोनी के गरिमामय उपस्थिति में 24 दिसंबरए 2022 को द माडर्न विलेजए गांधी भवन, चौपाटी के सामने चांपा में स्वर्णकार समाज का वृहद महासभा होने जा रहा हैं। इस ऐतिहासिक महासभा में छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, उड़ीसा सहित स्वजातीय बंधुओं को आमंत्रित किया गया हैं। इस एक दिवसीय समारोह में अपनी सहभागिता देकर सफल बनाने का निवेदन किया हैं । इस महाधिवेशन के प्रथम सत्र में समाज के माननीय राजा मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथियों, केन्द्रीय व मंडल अध्यक्षों की पूरी टीम को समाज गंगा में सम्मान पूर्वक मंचस्थ कर उद्घाटन समारोह के बाद रामदरबार की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्जवलित करके विधिवत शुभारंभ किया जाएगा । विशिष्ट क्षेत्र में स्वर्णकार समाज को गौरवान्वित करने वाले और उत्कृष्ट योगदान देने वाले गणमान्य व्यक्तियों को श्रीफल शाल और सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा इस अवसर पर विभिन्न मंडलों में निवासरत व विशेष रूप से आमंत्रित वयोवृद्ध एकेन्द्रीय अध्यक्ष, सचिव, मंडल अध्यक्षों को पूरी टीम को सम्मानित किया जाएगा। जिसमें समाज के केन्द्रीय अध्यक्ष महिला और युवा कल्याण के अध्यक्ष का चुनाव अगर एक से अधिक प्रत्याशी अपनी दावेदारी ठोकते हैं तब चुनाव किया जाएगा चुनाव की प्रक्रिया के लिए चुनाव समिति का गठन किया गया हैं किन्तु अधिक प्रत्याशी होने की स्थिति में मतदान और मतगणना हेतु चाक चौबंद व्यवस्था की गई हैं। एक दिवसीय महासभा के लिए निष्कपट और पवित्र भाव से एक बनो, नेक बनो और संगठित रहो की उदारवादी भाव को आत्मसात् करते हुए सभी स्वर्णकार बंधुओं, भगिनियों, वृद्ध और युवावर्ग को ससम्मान आमंत्रण पत्र जकर आमंत्रित किया हैं। स्वर्णकार समाज का उन्नीसवां सभा चांपा में होने जा रहा हैं। वर्णकार समाज अत्यंत पुराना हैं और तीसगढ़ अंचल के उन्नतिशील समाजों में गिना जाता हैं। समाज अपनी विशिष्ट पहचान बनाने के लिए दो दशक से विभिन्न स्वजातीय संगठनों से श्रोटी और बेटी का संबंध स्थापित करके आगे बढ़ रहा हैं। और अब राष्ट्रीय पहचान बनाने की दिशा में अग्रसर हैं यानी कि स्वर्णकार समाज अपने कार्य, व्यवहार और विश्वास के बदौलत नींशले आसमान में एक लंबी उड़ान और सब लोगों से विश्वास प्राप्त करने की क्षमता रखता हैं।

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