वासु सोनी चांपा। हनुमान धारा पर्यटन स्थल सौंदर्यीकरण चांपा के मामले में नगर पालिका परिषद चांपा से प्रार्थी को एक पत्र प्राप्त हुआ है जिसमें हनुमान धारा पर्यटन स्थल सौंदर्यीकरण दस्तावेज के अवलोकन हेतु सोमवार की सुबह 10.30 बजे नगर पालिका परिषद चांपा बुलाया गया है। आवेदन पत्र कैसे लिखा जाता है इसकी भी जानकारी संबंधित अधिकारी और कर्मचारी को नहीं है? हमने पहले ही समाचार में बताया था कि कौन किस पद पर कार्य कर रहा है उसकी भी जानकारी नहीं है? इसलिए आवेदन पत्र के संदर्भ में लिखा है जबकि पूरे विस्तार से पत्र का जवाब भेजा जाता है? पत्र में कही भी जिक्र नहीं किया गया है कि कितने दिन, महीने या साल में पत्र भेजा जा रहा है? सूचना का अधिकार अधिनियम की पूरी धज्जियां उड़ाई जा रही है। सूचना का अधिनियम पुस्तक देखकर भी पत्र लिखने में कोताही बरती गई है। वही पद में सहायक प्रोग्रामर जो नगर पालिका चांपा में स्थापना शाखा सम्हाल रही साथ ही जन सूचना अधिकारी प्रीति तिवारी, सहायक जन सूचना अधिकारी गौरव शुक्ला और नगर पालिका के सहायक ग्रेड 2 क्लर्क जवाहर लाल पटेल जो विगत 30 सालों से लोक निर्माण विभाग शाखा सम्हाल रहे है। इनके द्वारा साजिशपूर्वक प्रार्थी को एक पत्र जिसमें दस्तावेज कलेक्टर कार्यालय भेजा गया है लिखा हुआ भेजा गया था, उसके बाद सीधे 4 जून को दोबारा पत्र प्राप्त हुआ, जिसमें हनुमान धारा पर्यटन स्थल सौंदर्यीकरण का अवलोकन करने लिखा हुआ है। इस बीच संभवतः कलेक्टर, सीएमओ, ठेकेदार या किसी अन्य से रिश्वत लेकर दस्तावेज दबा दिया गया था? लगातार समाचार प्रकाशित होने के बाद नियम कानून को ताक में रखकर आवेदन भेजा गया।
इन अधिकारियों जिनमें मुख्य रूप से पद में सहायक प्रोग्रामर जो नगर पालिका चांपा में स्थापना शाखा सम्हाल रही जन सूचना अधिकारी प्रीति तिवारी, सहायक जन सूचना अधिकारी गौरव शुक्ला और नगर पालिका के सहायक ग्रेड 2 क्लर्क जवाहर लाल पटेल जो विगत 30 सालों से लोक निर्माण विभाग ही शाखा सम्हाल रहे है। इनके संपत्तियों की जांच क्यों नहीं की जा रही है। जिनके द्वारा हनुमान धारा पर्यटन स्थल सौंदर्यीकरण की फाइल किसी से रिश्वत लेकर दबा दी गई थी? आखिर इन कर्मचारियों की मंशा क्या थी? जिन्होंने इतने महीने फाइल दबाकर रखी साथ ही कार्य शुरू करवाने के बाद और समाचार प्रकाशित होने के बाद अवलोकन के लिए पत्र भेजा है? क्या यह अवलोकन सूचना के अधिकार अधिनियम में लिखा हुआ है? क्या ये अधिकारी कर्मचारी सही कर रहे है? क्या इन अधिकारी कर्मचारियों की संपत्ति की जांच हुई है या होगी? कई ऐसे सवाल है जिनका जवाब नगर पालिका परिषद चांपा के भ्रष्ट अधिकारी कर्मचारियों को देना चाहिए, लेकिन वे नगर की जनता को जवाब के बजाय सिर्फ धोखा दे रहे है?
- छत्तीसगढ
- अकलतरा
- अन्य खबरें
- अंबिकापुर
- आस्था
- एमसीबी
- कवर्धा
- कांकेर
- कोरबा
- क्राइम
- खरसिया
- खाटूश्याम जी
- खेल
- गरियाबंद
- जगदलपुर
- जशपुर
- जांजगीर-चांपा
- ट्रेंडिंग
- दिल्ली
- दुर्ग
- धमतरी
- परिवहन
- पुलिस
- पेंड्रा गौरेला मरवाही
- प्रशासन
- बलोदाबाजार
- बिज़नेस
- बिलासपुर
- भिलाई
- मनोरंजन
- मुंगेली
- मुंबई
- राजनांदगांव
- राजनांदगाँव
- राजनीति
- रायगढ़
- रायपुर
- रेलवे
- शिक्षा
- शेयर मार्केट
- सक्ती
- सारंगढ़
- सूरजपुर
- स्वास्थ्य

